Bilaspur Traffic Police: नंबर प्लेट छिपाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस का कड़ा प्रहार, 700 से ज्यादा चालान, कई पहुंचे जेल
Bilaspur Traffic Police: नंबर प्लेट छिपाने या उसमें बदलाव करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। जनवरी 2026 से अब तक 724 चालकों पर कार्रवाई कर 7.24 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि टेप, पन्नी, मैग्नेट, कपड़े या अन्य तरीकों से नंबर छिपाने वालों पर चालान के साथ-साथ गंभीर मामलों में FIR और कोर्ट कार्रवाई भी की जाएगी।
Bilaspur Traffic Police: शहर की सड़कों पर अगर आप अपने वाहन की नंबर प्लेट पर टेप, मैग्नेट, पन्नी या कपड़ा लगाकर पहचान छिपाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। बिलासपुर यातायात पुलिस ने ऐसे चालकों के खिलाफ अपना शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। शहर के चौक-चौराहों पर चलाए जा रहे इस
विशेष चेकिंग अभियान के तहत जनवरी 2026 से अब तक 724 चालकों पर गाज गिर चुकी है, जिनसे 7 लाख 24 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
अपराध छिपाने का जरिया बन रही छेड़छाड़
यातायात विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नंबर प्लेट ढकना या बदलना सिर्फ ट्रैफिक नियमों की अनदेखी नहीं है, बल्कि यह किसी बड़े अपराध की साजिश या संदिग्ध गतिविधियों को छिपाने का जरिया भी हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर यह अभियान तेज किया गया है। एएसपी रामगोपाल करियारे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शहर के हर मुख्य पॉइंट और चौराहे पर तैनात पुलिस बल को सख्त हिदायत दी गई है। अगर कोई वाहन चालक तेजी से भागने की कोशिश करता है, तो वायरलेस के जरिए कंट्रोल रूम और अगले पॉइंट को तुरंत मैसेज भेजकर उसे आगे घेर लिया जाता है।
जुर्माने से लेकर जेल तक की नौबत
इस बार पुलिस की कार्रवाई महज चालान काटने तक सीमित नहीं है:
कोर्ट के चक्कर: कई गंभीर मामलों को सीधे अदालत में पेश किया जा रहा है, जहां भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
जेल की हवा: चोरी की गाड़ियों का नंबर छिपाने या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर चालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है।
शातिर हथकंडे, जिन पर है पुलिस की नजर
वाहन चालक पहचान छिपाने के लिए तरह-तरह की तिकड़म लगा रहे हैं, जिन पर पुलिस की पैनी नजर है:
नंबर प्लेट पर कागज, टेप या रंग-बिरंगे स्टिकर चिपकाना।
मैग्नेट (चुंबक), कपड़ा, पन्नी या पेंट का इस्तेमाल करके अंक मिटाना।
नंबर प्लेट को नीचे की तरफ मोड़ देना ताकि कैमरे में नंबर न आए।
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दूर से नंबर न दिखना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है और इस पर कोई रियायत नहीं मिलेगी।
साइलेंसर के शोर और बिना हेलमेट वालों पर भी गाज
नंबर प्लेट के अलावा पुलिस का यह अभियान अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी भारी पड़ रहा है। बुलेट या अन्य बाइकों में 'मॉडिफाइड साइलेंसर' लगाकर तेज और कानफोड़ू आवाज निकालने वाले चालकों को भी रोका जा रहा है। साथ ही बिना हेलमेट चलने वालों के भी चालान काटे जा रहे हैं।
पुलिस की अपील:
यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों पर नियमानुसार साफ और स्पष्ट नंबर प्लेट लगाएं। गाड़ी के सभी वैध दस्तावेज हमेशा साथ रखें और यातायात नियमों का पालन कर खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखें।