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Records of 264 teachers missing from BSK app (Image Source: AI Photo)
Records of 264 teachers missing from BSK app (Image Source: AI Photo)
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CG Education Department: बीएसके ऐप से खुली फाइलों की गांठें, 264 शिक्षकों के रिकॉर्ड गायब, विभाग में हड़कंप

CG Education Department: राजनांदगांव जिले में BSK ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी के दौरान 264 शिक्षकों का रिकॉर्ड नहीं मिलने का मामला सामने आया है। स्कूल शिक्षा संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी से दो दिनों के भीतर संबंधित शिक्षकों की जानकारी मांगी है। प्रभारी DEO प्रवास सिंह बघेल के अनुसार, रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सूची में सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षक भी हो सकते हैं। वहीं, ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने में तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आई हैं।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 14 Oct 2026, 07:47 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
राजनांदगांव
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CG Education Department: राजनांदगांव जिले में स्कूल शिक्षा विभाग का एक नया मामला सामने आया है, जिसने विभागीय अफसरों की नींद उड़ा दी है। राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी के लिए शुरू किए गए बीएसके (BSK) ऐप ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी के दौरान जिले के 264 शिक्षकों का कोई अता-पता (रिकॉर्ड) ही दर्ज नहीं मिला है। अचानक इतने बड़े पैमाने पर शिक्षकों के नाम-पते और डेटा गायब होने की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

दो दिन का अल्टीमेटम: कौन कहां है, ढूंढकर निकालो!

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा संचालनालय ने कड़ा रुख अपनाया है। उच्च स्तर से जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को गायब रिकॉर्ड वाले सभी 264 शिक्षकों की सूची भेजी गई है और दो दिनों के भीतर पूरी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया गया है।

प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि विभाग अब इन नामों के एक-एक फाइलों की पड़ताल कर रहा है। शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि सूची में दर्ज कुछ नाम उन शिक्षकों के भी हो सकते हैं:

  • जो सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं,

  • जिनका निधन हो चुका है, या फिर

  • जिनका किसी अन्य जिले में स्थानांतरण (Transfer) हो चुका है।

हालांकि, असली तस्वीर तो सभी रिकॉर्ड्स के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद ही साफ हो पाएगी।

ऐप की खामियां या व्यवस्था का लचर रवैया? 

एक तरफ जहां विभाग इन कागजी पहेलियों को सुलझाने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर बीएसके ऐप को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी है। जब से ऑनलाइन हाजिरी का नियम लागू हुआ है, रोजाना कोई न कोई तकनीकी खामी सामने आ रही है।

शिक्षकों का कहना है कि:

  • लोकेशन की समस्या: स्कूल परिसर के भीतर या 100 से 200 मीटर के दायरे में रहने के बावजूद ऐप नेटवर्क या जीपीएस एरर (GPS Error) दिखाकर उपस्थिति दर्ज नहीं करता।

  • तकनीकी असुविधा: ऐप के बार-बार हैंग होने और सर्वर डाउन रहने के कारण सुबह-सुबह समय पर हाजिरी लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

आगे क्या? 

अब देखना यह होगा कि दो दिनों की जांच के बाद विभाग इस बात का क्या जवाब देता है। क्या यह सिर्फ कागजी फेरबदल और डेटा अपडेट न होने की चूक है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी प्रशासनिक लापरवाही छुपी है? फिलहाल, राजनांदगांव के शिक्षा विभाग में बैठकों और फाइलों के खंगालने का दौर जारी है।
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