Tuesday, 03 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Raipur Theft: जिस बेटे को खोया, उसकी याद और सरकार से मिली मदद के 4 लाख भी नहीं छोड़े चोरों ने Raipur Road Accident: कहीं खड़ी पिकअप बनी हादसे की वजह, तो कहीं ट्रक ने ली बुजुर्ग महिला की जान Nepal Helicopter Crash: माउंट एवरेस्ट बेस कैंप के पास लैंडिंग के वक्त टकराए दो हेलीकॉप्टर, एक भारतीय पर्यटक की मौत Delhi Police: ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, शाहदरा विवाद के बाद पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा भारी Ayushman Bharat Scheme: 11 निजी अस्पताल डि-इम्पेनल्ड, मरीजों के इलाज पर लगी रोक, जुर्माना भी तय Chhattisgarh DA News: कर्मचारियों में डीए भुगतान की तिथि को लेकर नाराजगी, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी Raipur Theft: जिस बेटे को खोया, उसकी याद और सरकार से मिली मदद के 4 लाख भी नहीं छोड़े चोरों ने Raipur Road Accident: कहीं खड़ी पिकअप बनी हादसे की वजह, तो कहीं ट्रक ने ली बुजुर्ग महिला की जान Nepal Helicopter Crash: माउंट एवरेस्ट बेस कैंप के पास लैंडिंग के वक्त टकराए दो हेलीकॉप्टर, एक भारतीय पर्यटक की मौत Delhi Police: ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, शाहदरा विवाद के बाद पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा भारी Ayushman Bharat Scheme: 11 निजी अस्पताल डि-इम्पेनल्ड, मरीजों के इलाज पर लगी रोक, जुर्माना भी तय Chhattisgarh DA News: कर्मचारियों में डीए भुगतान की तिथि को लेकर नाराजगी, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
W 𝕏 f
होम › राज्य सरकार › CG Energy Investment: हरित ऊर्जा से परमाणु बिजली …
Chhattisgarhs 2030 Green Energy Goal (Image Source: CGDPR)
Chhattisgarhs 2030 Green Energy Goal (Image Source: CGDPR)
राज्य सरकार

CG Energy Investment: हरित ऊर्जा से परमाणु बिजली तक, छत्तीसगढ़ ने पेश किया 5.60 लाख करोड़ के निवेश का प्लान

CG Energy Investment: छत्तीसगढ़ सरकार ने 2030 तक हरित ऊर्जा क्षमता 3 हजार से बढ़ाकर 15 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय और ताप विद्युत परियोजनाओं के विस्तार के लिए बड़े निवेश की योजना तैयार की गई है।

य
प्रकाशित: 03 Nov 2026, 11:32 AM · 6 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CG Energy Investment: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 में छत्तीसगढ़ ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं और भविष्य की अपनी योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक में भाग लिया। 
उन्होंने अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावनाओं की जानकारी देते हुए देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी तथा केंद्रीय विद्युत एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक भी उपस्थित थे।

2030 तक हरित ऊर्जा क्षमता 15 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 23 हजार 923 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपए तथा ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के विस्तार में लगभग 3.27 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को वर्तमान 3 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 15 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा है।
 इसके साथ ही बिजली की कुल मांग में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी वर्तमान 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत से अधिक करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वर्ष 2030 तक गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से 500 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों की उत्पादन क्षमता 28 हजार मेगावाट से अधिक है। बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ताप विद्युत के साथ-साथ सौर ऊर्जा, जल विद्युत, बायोमास और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का संतुलित विकास कर रही है।

पंप स्टोरेज, बैटरी और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में बिजली की निर्बाध और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा भंडारण सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत 12 हजार 300 मेगावाट की कुल क्षमता वाली 10 पंप स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाओं की पहचान की गई है। इन परियोजनाओं में लगभग 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में प्रदेश में 10 हजार मेगावाट-घंटे क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित करने की योजना है। राजनांदगांव में 100 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के साथ 40 मेगावाट/120 मेगावाट-घंटे क्षमता की बैटरी भंडारण प्रणाली पहले से संचालित है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले का खैरा गांव छत्तीसगढ़ का पहला पूर्ण रूप से सौर ऊर्जा से संचालित गांव बन गया है। यहां सभी 141 घरों की छतों पर 2-2 किलोवाट के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे कुल 282 किलोवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। 
विशेष बात यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 93 घरों में भी सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए ग्रामीणों को कोई खर्च नहीं करना पड़ा है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार घरों और खेतों तक सौर ऊर्जा का लाभ पहुंचाने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक लगभग 1.26 लाख सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार प्रदेश में 1.66 लाख सौर सिंचाई पंपों के माध्यम से लगभग 1.94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की जा रही है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत भी कुल 395 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना है।

बायोगैस, एथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा पर भी विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि अवशेष, गोबर और अन्य जैविक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इनके उपयोग से कंप्रेस्ड बायोगैस, बायो-एथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार इन संभावनाओं को नए उद्योगों और निवेश के अवसरों में बदलने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 80 मीट्रिक टन क्षमता वाले आठ कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है। इनमें लगभग 800 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त निजी निवेशकों से प्राप्त लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर भी प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में लगभग 4 हजार 200 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों सहित विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की ऊर्जा क्षमता का अधिकतम उपयोग हो, नए उद्योग स्थापित हों और रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों।

वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत की छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन किया। यहां प्रदेश की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों, आधुनिक तकनीक के उपयोग और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर उपस्थित अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन में देश-विदेश से आए निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा भी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीतियों, उपलब्ध संसाधनों, ऊर्जा क्षेत्र में विकसित हो रही अधोसंरचना और निवेश के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नई परियोजनाओं की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि 2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इनमें 40 से अधिक मंत्री, नीति निर्माता, निवेशक और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम सहित नौ देश एवं समूह इस आयोजन में कंट्री पार्टनर के रूप में भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सहित 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी ऊर्जा क्षमता तथा निवेश की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। 'निवेश, नवाचार और प्रेरणा' की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को अपनी पारंपरिक बिजली उत्पादन क्षमता के साथ-साथ हरित ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में भविष्य की योजनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित छत्तीसगढ़ के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें