CG News: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी के एक फैसले से वह इतने आहत हुए कि उन्होंने उससे जीवनभर के लिए संबंध खत्म करने का निर्णय लिया।
यह पूरा मामला जगदलपुर के धरमपुरा क्रमांक-3 इलाके का है। यहां रहने वाले सुजान दत्ता की बेटी सिमरन दत्ता ने कुछ समय पहले एक मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह किया था। परिवार के अनुसार, शादी के बाद सिमरन ने धर्म परिवर्तन भी कर लिया।
परिवार और समाज ने समझाने की कोशिश की
परिजनों का कहना है कि सिमरन को उसके फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए परिवार और समाज के लोगों ने समझाने की कोशिश की थी। हालांकि, सिमरन अपने निर्णय पर कायम रही। इसके बाद परिवार और बेटी के बीच दूरी बढ़ती चली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद निखिल भारत बंगाली समन्वय समिति, बस्तर संभाग के अध्यक्ष जीवानंद हालदार सहित अन्य पदाधिकारी सुजान दत्ता के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सांत्वना दी।

पिता ने घर पर पूरी विधि से कराया पिंडदान
बेटी के फैसले से नाराज सुजान दत्ता ने एक अनोखा और भावनात्मक कदम उठाया। उन्होंने पहले अपना सिर मुंडवाया और फिर घर पर पंडितों को बुलाकर धार्मिक विधि-विधान के साथ पिंडदान की रस्म पूरी की। इस दौरान मंत्रोच्चार के बीच सभी परंपराएं निभाई गईं।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, स्वतंत्र पुष्टि नहीं
परिवार की ओर से इस पूरे मामले को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि सिमरन के फैसले से वे काफी आहत हैं और उन्होंने इसे अपनी सामाजिक एवं पारिवारिक मान्यताओं के खिलाफ बताया है। परिवार ने इस मामले को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए अपनी आशंकाएं भी व्यक्त की हैं। हालांकि, यह आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इन दावों की किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
बेटी से आजीवन संबंध खत्म करने का ऐलान
पिंडदान की रस्म के बाद सुजान दत्ता ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अब उनका अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं रहेगा। उन्होंने इस संबंध में एक घोषणा पत्र भी जारी किया, जिसमें बेटी से रिश्ता समाप्त करने की बात लिखी गई है।
प्रेम विवाह और सामाजिक सोच के बीच बहस
जगदलपुर की यह घटना केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम विवाह, धर्म परिवर्तन और पारिवारिक-सामाजिक मान्यताओं के बीच पैदा होने वाले टकराव को भी उजागर करती है। घटना के बाद इलाके में इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
