CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने और शिक्षकों की ढिलाई पर लगाम कसने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने अपनी कमर कस ली है। रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को साफ लहजे में हिदायत दी कि निरीक्षण का दायरा बढ़ाया जाए और हर महीने जमीनी हकीकत की जांच हो। अक्सर देखा जाता है कि स्कूलों में अचानक यूट्यूबर या बाहरी लोग घुसकर वीडियो बनाने लगते हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है।
बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह बंद
इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि बिना तय नियमों और अनुमति के किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी लगाना नहीं है, कक्षाओं में बच्चे सच में पढ़ रहे हैं या नहीं, अब अधिकारी इसकी सीधी जांच करेंगे। बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने राज्य के स्कूलों में कराटे प्रशिक्षण अनिवार्य करने की योजना बनाई है। इसके लिए जल्द ही मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे।ये भी पढ़े... NEEPCO JE Recruitment 2026: जूनियर इंजीनियर के 7 पदों पर भर्ती, 31 अगस्त तक करें आवेदन
शिक्षकों की कमी दूर करने होगी नई भर्ती
साथ ही, छात्राओं की सुविधा के लिए राज्यभर में 8,000 से अधिक नए शौचालयों का निर्माण होगा। जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और नए निर्माण के लिए भी तेजी से बजट स्वीकृत करने के आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षकों की कमी की समस्या को दूर करने के लिए मंत्री ने 5,000 नई शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बस्ते के बोझ से राहत देने होगी रचनात्मक गतिविधियां
इसके अलावा, यदि किसी कारणवश शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं, तब भी बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए स्मार्ट क्लास और डिजिटल कंटेंट का सहारा लिया जाएगा। बच्चों में अनुशासन और नेतृत्व की भावना जगाने के लिए हर स्कूल में अपनी एक बैंड पार्टी होगी, जिसमें एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड के छात्रों को मौका मिलेगा। शनिवार को 'बैगलेस डे' के तहत बच्चों को बस्ते के बोझ से राहत देते हुए योग, पारंपरिक खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।लिया जाएगा सभी का ब्योरा
व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अब हर महीने के तीसरे सप्ताह में रायपुर में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक होगी। इसमें हर जिले की शैक्षणिक स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर का ब्योरा लिया जाएगा। ब्लॉक और संकुल स्तर के अधिकारियों को भी अपने-अपने इलाकों के स्कूलों की नियमित जांच करने की सख्त जिम्मेदारी दी गई है।