Chess Olympiad: भारत की पुरुष और महिला टीम ने जीते पदक, खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
Chess Olympiad: भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक जीते। पुरुष टीम ने बेहतर टाईब्रेकर के आधार पर रजत पदक हासिल किया, जबकि महिला टीम ने जॉर्जिया के खिलाफ ड्रॉ के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। बी सविता के बेहतरीन प्रदर्शन ने महिला टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई और उन्होंने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता।
प्रकाशित: 28 Sep 2026, 11:56 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
खेल डेस्क
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Chess Olympiad: भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पुरुष टीम ने अंतिम दौर में हंगरी के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ खेलकर रजत पदक हासिल किया, जबकि महिला टीम ने जॉर्जिया के साथ बराबरी का मुकाबला खेलते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। ओपन वर्ग में उज्बेकिस्तान ने यूक्रेन को 2.5-1.5 से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। उज्बेकिस्तान की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 में से 20 अंक हासिल किए।
टीम ने 10 मुकाबलों में जीत दर्ज की, जबकि केवल एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। भारतीय पुरुष टीम ने टूर्नामेंट में कुल 18 अंक जुटाए और जर्मनी के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही। हालांकि, बेहतर टाईब्रेकर स्कोर के कारण भारत को रजत पदक मिला। वहीं जर्मनी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में कई मजबूत टीमों के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और पदक तालिका में अपनी जगह बनाई।
सविता श्री का शानदार शतरंज प्रदर्शनसविता के शानदार प्रदर्शन से महिला टीम ने जीता कांस्य
महिला वर्ग में चीन ने वियतनाम को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की टीम ने भी कुल 20 अंक हासिल किए, जबकि कजाखस्तान 18 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय महिला टीम के लिए बी सविता सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 10 मुकाबलों में 9 अंक हासिल किए और अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। जॉर्जिया के खिलाफ अंतिम दौर के मुकाबले में भारत की ओर से हम्पी ने नाना द्जाग्निद्जे को हराकर अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि, चौथे बोर्ड पर दिव्या देशमुख को बेला खोतेनाशविली के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वंतिका अग्रवाल का मुकाबला ड्रॉ रहा, जिससे टीम की उम्मीदें सविता के प्रदर्शन पर टिक गईं। सविता ने दबाव भरी स्थिति में धैर्य बनाए रखा। उनके राजा पर लगातार दबाव होने के बावजूद उन्होंने शानदार बचाव करते हुए मुकाबला ड्रॉ करा लिया और टीम को कांस्य पदक दिलाने में सफल रहीं।
सविता को व्यक्तिगत स्वर्ण, भारतीय खिलाड़ियों ने जीते कई पदक
टीम पदक के अलावा सविता ने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक भी हासिल किया। वहीं भारतीय महिला खिलाड़ियों में हम्पी और वंतिका अग्रवाल ने व्यक्तिगत कांस्य पदक जीते, जबकि दिव्या देशमुख ने रजत पदक अपने नाम किया। पुरुष वर्ग में आर प्रज्ञानंद ने व्यक्तिगत कांस्य पदक हासिल किया। वहीं डी गुकेश अंतिम दौर के प्रदर्शन के कारण व्यक्तिगत स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से चूक गए।
46वें शतरंज ओलंपियाड में भारत का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों और अनुभवी खिलाड़ियों के शानदार तालमेल को दर्शाता है। दोनों वर्गों में पदक जीतकर भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज में अपनी मजबूत स्थिति को कायम रखा है।