नए नियमों की 5 सबसे बड़ी बातें:
वन-टाइम प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: अब हर अभ्यर्थी को चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बिना किसी भी परीक्षा का फॉर्म नहीं भरा जा सकेगा।
परीक्षा प्रणाली में बदलाव: सभी लिखित परीक्षाएं समूहवार (Group-wise) या उप-समूहवार ओएमआर/एमसीक्यू (MCQ) फॉर्मेट में आयोजित की जाएंगी। परीक्षा के बाद पारदर्शी तरीके से मॉडल उत्तर जारी होंगे और अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।
15 गुना अभ्यर्थियों को बुलावा और 3 महीने की डेडलाइन: जिन पदों पर स्किल टेस्ट या शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) होनी है, वहां कुल विज्ञापित सीटों के मुकाबले 15 गुना ज्यादा अभ्यर्थियों की सूची बनेगी। यह टेस्ट केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का होगा। सबसे खास बात यह है कि संबंधित विभागों को 3 महीने के भीतर यह प्रक्रिया हर हाल में पूरी करनी होगी। जो अभ्यर्थी अनुपस्थित रहेंगे, उनकी दावेदारी तुरंत रद्द मानी जाएगी।
कोई वेटिंग लिस्ट जारी नहीं होगी: चयन मंडल ने इस बार एक कड़ा फैसला लिया है। चयनित उम्मीदवारों को परिणाम आने के बाद 15 दिनों के अंदर ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद मंडल कोई भी प्रतीक्षा (Waiting) या रिजर्व लिस्ट जारी नहीं करेगा। विभागों को समय सीमा के भीतर सत्यापन कर नियुक्ति देनी होगी।
हर साल अगस्त में आएगा परीक्षा कैलेंडर: राज्य सरकार ने परीक्षाओं में अनिश्चितता खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कर्मचारी चयन मंडल हर साल अगस्त के महीने में तृतीय (Class-3) और चतुर्थ श्रेणी (Class-4) के पदों के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करेगा।