Chhattisgarh Medical College: 1440 करोड़ से सजेगा सिम्स का नया integrated कैंपस, डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने किया दौरा
Chhattisgarh Medical College: बिलासपुर के कोनी में करीब 1,440 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स का नया एकीकृत परिसर विकसित करने की तैयारी है। परियोजना में मेडिकल कॉलेज, हॉस्टल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी कॉलेज सहित स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना है।
Chhattisgarh Medical College: छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के मामले में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। शहर का कोनी इलाका अब केवल एक सामान्य रिहायशी या शैक्षणिक क्षेत्र न रहकर पूरे अंचल के लिए आधुनिक इलाज और चिकित्सा शिक्षा का मुख्य ठिकाना बनने जा रहा है। यहां करीब 1,440 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से छत्तीसगढ़
आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के नए एकीकृत (एकीकृत/Integrated) कॉलेज परिसर का निर्माण होने जा रहा है। इस विशाल प्रोजेक्ट के तहत एक ही परिसर में न सिर्फ मेडिकल कॉलेज की नई इमारत खड़ी होगी, बल्कि छात्रों के रहने के लिए आधुनिक हॉस्टल, फिजियोथैरेपी कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज की भी नींव रखी जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री
हाल ही में राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कोनी पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला की मौजूदगी में मंत्रियों ने 'स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव स्मृति सुपर स्पेशलिटी अस्पताल' की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान नेताओं ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की, उनका हालचाल जाना और मिल रही डॉक्टरी सुविधाओं का फीडबैक लिया। इसके बाद मंत्रियों ने सिम्स के प्रस्तावित नए परिसर की जमीन का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
50 करोड़ का हॉस्टल और 100 करोड़ का आयुर्वेदिक कॉलेज
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया से बात करते हुए मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि कोनी को एक 'मेडिकल हब' के रूप में तैयार किया जा रहा है।
छात्रों के लिए हॉस्टल: नए सिम्स परिसर में विद्यार्थियों और डॉक्टरों के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक हॉस्टल तैयार किया जाएगा।
मानसिक अस्पताल का विस्तार: क्षेत्र में मौजूद सेंदरी मानसिक अस्पताल की क्षमता को दोगुना कर दिया गया है—अब यह 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 200 बिस्तरों का अस्पताल बन चुका है।
आयुर्वेद को बढ़ावा: इसी क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए का एक नया आयुर्वेदिक अस्पताल व कॉलेज भी तेजी से आकार ले रहा है।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी आधुनिक सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार, जब एक ही इलाके में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग, फिजियोथैरेपी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और आयुर्वेदिक संस्थान संचालित होंगे, तो मरीजों को दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल बिलासपुर बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों और जिलों से आने वाले गंभीर मरीजों को एक ही जगह पर विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। साथ ही, राज्य के युवाओं के लिए डॉक्टरी की पढ़ाई और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।