Sunday, 25 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG News: नाली निर्माण के दौरान मिला मानव कंकाल, इलाके में मचा हड़कंप Bike Fire in Korba: गैरेज में किक मारते ही बाइक में लगी आग, मौके पर पहुंची दमकल टीम Road Accident: VIP चौक पर भीषण हादसा, महिला की मौत, 8 साल की बेटी गंभीर रूप से घायल Crime News: खैरागढ़ की शराब दुकानों पर फिर उठे सवाल, मारपीट के वीडियो आए सामने Raipur Fire News: महालक्ष्मी मार्केट में भीषण आग, लाखों के नुकसान की आशंका Mahasamund News: भाजपा नेता के घर से सागौन की लकड़ी जब्त, वन विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई CG News: नाली निर्माण के दौरान मिला मानव कंकाल, इलाके में मचा हड़कंप Bike Fire in Korba: गैरेज में किक मारते ही बाइक में लगी आग, मौके पर पहुंची दमकल टीम Road Accident: VIP चौक पर भीषण हादसा, महिला की मौत, 8 साल की बेटी गंभीर रूप से घायल Crime News: खैरागढ़ की शराब दुकानों पर फिर उठे सवाल, मारपीट के वीडियो आए सामने Raipur Fire News: महालक्ष्मी मार्केट में भीषण आग, लाखों के नुकसान की आशंका Mahasamund News: भाजपा नेता के घर से सागौन की लकड़ी जब्त, वन विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई
W 𝕏 f
होम › रायपुर › Chhattisgarh Weather: मानसून के नए समीकरण, कहीं र…
A view of monsoon rains and fields (Image Source: Keertiman Media)
A view of monsoon rains and fields (Image Source: Keertiman Media)
रायपुर Featured

Chhattisgarh Weather: मानसून के नए समीकरण, कहीं राहत की फुहार तो कहीं बढ़ी चिंता, जानिए खेतों का हाल

Chhattisgarh Weather: इस बार मानसून का असर असमान देखने को मिल रहा है। राज्य का औसत बारिश आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया है, लेकिन कई जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। सरगुजा और बस्तर संभाग में अच्छी बारिश से स्थिति बेहतर है, जबकि रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ मैदानी इलाकों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना जताई है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 10 Sep 2026, 09:55 AM · अपडेट: 23 Oct 2026, 03:48 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Chhattisgarh Weather: मानसून का सफर इस बार उतार-चढ़ाव से भरा नजर आ रहा है। राज्य में बारिश का आंकड़ा औसतन सामान्य के करीब पहुंचने के बावजूद जिलों के स्तर पर असमानता बनी हुई है। कहीं खेतों में पानी लबालब भरा है, तो कई इलाकों में किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल औसत वर्षा का आंकड़ा सामान्य श्रेणी (-2% से -5% के आसपास) में बना हुआ है। 

कृषि व्यवस्था हो रही प्रभावित 

हालांकि, क्षेत्रीय स्थिति पर गौर करें तो राज्य के सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश से कोटा लगभग पूरा हो चुका है। इसके विपरीत, मध्य छत्तीसगढ़ (रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ मैदानी इलाके) में अब तक छिटपुट और हल्की से मध्यम वर्षा ही देखने को मिली है। बारिश का यह असमान वितरण सीधे तौर पर राज्य की कृषि व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।

किसानी पर पड़ा दोहरा असर 

खेतों की स्थिति और फसलों के मिजाज की बात करें तो वर्तमान मानसून का असर मिला-जुला देखने को मिल रहा है: 
  • धान की खेती को फायदा: जिन किसानों ने समय पर बोआई और रोपाई (बियासी) का काम पूरा कर लिया था, उनके लिए हालिया दिनों में हुई बारिश संजीवनी साबित हुई है। पानी की उपलब्धता से धान की बालियों और पौधों के विकास को गति मिली है।
  • सब्जियों और दलहन पर मार: जिन इलाकों में लगातार या तेज बारिश हुई है, वहां निचले खेतों में जलजमाव होने से हरी सब्जियों (जैसे तोरई, भिंडी, मिर्च) की फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा, मक्का और तिलहन जैसी फसलों को अत्यधिक नमी से नुकसान पहुंच सकता है।
  • सिंचाई के संसाधनों पर निर्भरता: मैदानी इलाकों के किसान जहां बारिश में ब्रेक लगा हुआ है, वहां नलकूपों और नहरों के पानी के सहारे अपनी फसलों को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

बारिश और खेतों का दृश्य
आने वाले दिनों का मौसम: IMD का पूर्वानुमान
 

मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) रायपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के प्रभाव से आने वाले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी रहेगा।

  • चेतावनी और अलर्ट: मौसम विभाग ने उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों (सरगुजा, बस्तर और बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्से) में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। 

  • अंधड़ और वज्रपात: मानसून की सक्रियता के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में काम करते समय और आम जनता को बारिश के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह 

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जिन खेतों में पानी का भराव अधिक हो गया है, किसान वहां से पानी की निकासी (ड्रेनेज) का तुरंत प्रबंध करें, ताकि पौधों की जड़ें खराब न हों। आगामी दिनों में भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव मौसम साफ होने पर ही करने की सलाह दी गई है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें