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Case regarding the appointment orders of the former CMHO 42 appointments
Case regarding the appointment orders of the former CMHO 42 appointments
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CMHO Mahasamund Controversy: तबादले के 4 दिन बाद जारी कर दिए 42 नियुक्ति आदेश, पूर्व CMHO पर उठे सवाल

CMHO Mahasamund Controversy: NHM के तहत 42 स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति और पदस्थापना को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि 17 सितंबर को तबादला होने के बावजूद पूर्व CMHO डॉ. आई. नागेश्वर राव ने 21 सितंबर को अपने हस्ताक्षर से 42 नर्सिंग ऑफिसर और ANM के नियुक्ति आदेश जारी किए। मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने फाइल तलब कर जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद आदेशों की वैधता और संबंधित अधिकारी की भूमिका पर फैसला होगा।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 08 Oct 2026, 02:55 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CMHO Mahasamund Controversy: तबादले का आदेश जारी होने के चार दिन बाद, जब पदीय अधिकार कागजों में खत्म हो चुके थे, तब भी एक वरिष्ठ अधिकारी ने धड़ाधड़ 42 सरकारी नियुक्तियों के आदेश जारी कर दिए। महासमुंद जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत सामने आया यह मामला अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बन चुका है। मामला महासमुंद के पूर्व प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आई नागेश्वर राव से जुड़ा है। राज्य शासन ने 17 सितंबर को ही डॉ. राव का तबादला रायपुर स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में उप संचालक के पद पर कर दिया था। 
नियमत: आदेश जारी होते ही महासमुंद CMHO के रूप में उनके प्रशासनिक अधिकार समाप्त माने जाते हैं। लेकिन चौंकानी वाली बात यह रही कि स्थानांतरण के चार दिन बाद, यानी 21 सितंबर को डॉ. राव ने खुद को महासमुंद का CMHO दर्शाते हुए 42 अभ्यर्थियों को संविदा नियुक्ति व पदस्थापना पत्र थमा दिए। इन जारी पत्रों में अपने आधिकारिक हस्ताक्षर और मुहर का बकायदा इस्तेमाल किया गया।

समय-सारणी: कब क्या हुआ?

  • 17 सितंबर: राज्य सरकार ने डॉ. आई नागेश्वर राव का तबादला रायपुर कर दिया।

  • 21 सितंबर: ट्रांसफर के बाद भी डॉ. राव ने अपने दस्तखत से नर्सिंग ऑफिसर और ANM पदों के लिए 42 नियुक्ति पत्र जारी किए।

  • 22 सितंबर: नए प्रभारी CMHO डॉ. रामेश्वर सिंह कुशवाह ने जिम्मेदारी संभाली। उसी दिन कलेक्टर के निर्देश पर डॉ. राव को एकतरफा कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया गया।

  • 5 अक्टूबर: जारी किए गए पत्रों में अभ्यर्थियों को 5 अक्टूबर तक हर हाल में जॉइनिंग देने की मोहलत दी गई थी।

    कहाँ-कहाँ की गई पदस्थापना? 

डॉ. राव द्वारा जारी सूची के तहत जिन 42 स्वास्थ्य कर्मियों (नर्सिंग ऑफिसर व ANM) को आदेश दिए गए, उनमें से 24 अभ्यर्थियों को जिला अस्पताल और प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया, जबकि शेष 18 अभ्यर्थियों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ किया गया।

मामले पर प्रशासनिक व शासन का रुख

तबादले के बाद फर्जीवाड़े या नियमों के उल्लंघन की बू आते ही शासन स्तर पर हलचल शुरू हो गई है।

"यह कोई नई भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि सिर्फ पोस्टिंग (पदस्थापना) से जुड़ा मामला है। पूरे दस्तावेज और स्थिति की समीक्षा के बाद ही आधिकारिक रूप से कुछ कहा जा सकेगा।"

— विनय लंगेह, कलेक्टर (महासमुंद)

वहीं छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कहा, "मामले से जुड़ी फाइल तलब की गई है और इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया होगा या अधिकारों का दुरुपयोग पाया गया, तो संबंधित अधिकारी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच के बाद ये 42 पदस्थापना आदेश रद्द किए जाएंगे और क्या डॉ. राव पर विभागीय गाज गिरेगी।

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