Copper Rate Today: दुनियाभर में तांबे (Copper) की मांग लगातार बढ़ रही है और इसकी कीमतें नए रिकॉर्ड बना रही हैं। पिछले छह महीनों में कॉपर ने निवेशकों को सोने और चांदी से बेहतर रिटर्न दिया है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर इस सप्ताह कॉपर ने नया ऑल-टाइम हाई बनाया और तीन महीने के फ्यूचर्स की कीमत 14,703 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई। यह स्तर पिछले रिकॉर्ड और जनवरी में बने उच्चतम स्तर से भी ऊपर है। कॉपर की बढ़ती कीमतों का फायदा इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को मिलने की उम्मीद है।
कॉपर ने 6 महीने में दिया 18% रिटर्न
खासतौर पर भारतीय कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के कॉपर कारोबार पर बाजार की नजर बनी हुई है। छह महीने में कॉपर ने दिया 18% से ज्यादा रिटर्न अगर पिछले छह महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कॉपर ने कीमती धातुओं को पीछे छोड़ दिया है।
मार्च 2026 में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कॉपर की औसत कीमत करीब 1,200 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर लगभग 1,415 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। यानी इस अवधि में कॉपर ने करीब 18 फीसदी का रिटर्न दिया है।
EV और AI से बढ़ी कॉपर की डिमांड
मार्च में MCX पर 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब घटकर लगभग 1.52 लाख रुपए रह गया है। इसी तरह चांदी भी निवेशकों को खास फायदा नहीं दे पाई। मार्च में चांदी का भाव करीब 2.65 लाख रुपए प्रति किलोग्राम था, जो अब लगभग 2.33 लाख रुपए के आसपास है। इलेक्ट्रिफिकेशन और AI डेटा सेंटर से बढ़ रही कॉपर की मांग कॉपर की कीमतों में तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण इसकी बढ़ती वैश्विक मांग है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटरों में कॉपर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।Vedanta को मिल सकता है फायदा
साल 2022 में ग्लोबल रिफाइंड कॉपर की मांग करीब 24.8 मिलियन टन थी, जिसके 2030 तक बढ़कर 30 मिलियन टन से ज्यादा होने का अनुमान है। Vedanta के कॉपर बिजनेस को मिल सकता है फायदा कॉपर की कीमतों में तेजी वेदांता लिमिटेड के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
कंपनी का कॉपर कारोबार पहले से ही मजबूत स्थिति में है और तैयार उत्पादों, खासकर कॉपर रॉड की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वेदांता के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने आठ सालों में पहली बार सबसे ज्यादा पहली तिमाही बिक्री दर्ज की।
Vedanta का कॉपर बिजनेस मजबूत
कंपनी ने करीब 53,000 टन कॉपर की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 3 फीसदी ज्यादा है। इसी अवधि में कंपनी का कॉपर रॉड उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। कॉपर की कीमतों में तेजी के बावजूद मांग मजबूत आमतौर पर किसी कमोडिटी की कीमत बढ़ने पर मांग प्रभावित होती है, लेकिन कॉपर के मामले में स्थिति अलग है।ऊर्जा बदलाव और नई तकनीकों के विस्तार के कारण महंगा होने के बावजूद इसकी मांग बनी हुई है। इलेक्ट्रिक वाहनों और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉपर की जरूरत पारंपरिक तकनीकों की तुलना में काफी ज्यादा होती है।
शेयर गिरा, लेकिन उम्मीद बरकरार
यही वजह है कि आने वाले वर्षों में कॉपर को एक रणनीतिक धातु के तौर पर देखा जा रहा है। वेदांता के शेयर में गिरावट के बीच एक्सपर्ट्स का भरोसा कायम शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
इसका असर वेदांता लिमिटेड के शेयर पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 1.88 फीसदी गिरकर 261.10 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा था। Nuvama ने वेदांता के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 333 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं Emkay ने भी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए 350 रुपए का लक्ष्य तय किया है।

