राज्य सरकार की ग्रामीण आजीविका और सिंचाई सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाएं किसानों की खेती को नई दिशा दे रही हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पतरापारा निवासी किसान अरुण इसकी सफल मिसाल बनकर सामने आए हैं। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन के तहत उनकी निजी भूमि पर स्वीकृत कूप निर्माण ने खेती को पूरी तरह बदल दिया है।
कुछ वर्ष पहले तक अरुण की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी। समय पर अच्छी वर्षा होने पर धान की फसल हो जाती थी, लेकिन बारिश कम होने पर खेत सूख जाते थे और मेहनत के अनुसार उत्पादन नहीं मिल पाता था। सिंचाई का कोई स्थायी साधन नहीं होने के कारण वे साल में केवल एक ही फसल ले पाते थे। रबी मौसम में खेती करना उनके लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
कूप निर्माण से खेतों तक पहुंचा पानी
वर्ष 2025-26 में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन के अंतर्गत अरुण के खेत में कूप निर्माण की स्वीकृति मिली। कूप तैयार होने के बाद उन्हें स्थायी सिंचाई सुविधा मिल गई। इससे खेती का स्वरूप बदल गया और अब वे मौसम पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत के अनुसार फसलों को पानी दे पा रहे हैं।

धान के साथ गेहूं और सब्जियों की खेती शुरू
सिंचाई सुविधा मिलने के बाद अरुण ने खेती में विविधता लानी शुरू की। अब वे धान के अलावा गेहूं और मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी कर रहे हैं। खेत की बाड़ी में उगाई जा रही सब्जियां परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त आय का जरिया भी बन रही हैं।
6.5 एकड़ जमीन में होने लगी सालभर सिंचाई
कूप निर्माण से लगभग 6.5 एकड़ कृषि भूमि में पूरे वर्ष सिंचाई संभव हो रही है। पहले जहां उनकी वार्षिक आय करीब 45 हजार रुपये थी, वहीं अब बढ़कर लगभग 1.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है। समय पर पानी मिलने से फसलों की पैदावार बढ़ी है और खेती पहले की तुलना में अधिक लाभदायक हो गई है।
बढ़ी आमदनी से परिवार की स्थिति हुई मजबूत
अरुण बताते हैं कि पहले बारिश खत्म होते ही खेती को लेकर चिंता शुरू हो जाती थी, लेकिन अब अपने ही खेत के कूप से जरूरत के समय सिंचाई कर लेते हैं। गेहूं और सब्जियों की खेती से आय बढ़ी है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बढ़ी हुई आमदनी से वे बच्चों की पढ़ाई, कृषि कार्यों में निवेश और घरेलू जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रहे हैं।
किसान ने जताया शासन-प्रशासन का आभार
अरुण ने बताया कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने से खेती अब अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और लाभकारी बन गई है। उन्होंने इस पहल के लिए शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।