छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध संबंध के चलते हुई हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में पत्नी और उसके मौसेरे भाई ने मिलकर ग्रामीण की हत्या कर दी थी। इस मामले में घरघोड़ा अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 1-1 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला 12 दिसंबर 2020 का है। मृतक विशेश्वर राठिया के भाई विन्देश्वर राठिया ने धरमजयगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बड़ा भाई विशेश्वर राठिया अपने परिवार के साथ ग्राम बायसी लाख पतरा में पुराने मकान में रहता था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य नए मकान में रहते थे।
पुराने मकान में हुई थी हत्या
घटना वाली रात विशेश्वर अपनी पत्नी सहोद्रा राठिया और बच्चों के साथ खाना खाने के बाद पुराने मकान में सोने चला गया था। इसी दौरान ग्राम गेरसा निवासी उसका मौसेरा भाई टीका राम उर्फ बन सागर राठिया शादी का निमंत्रण देने उनके घर पहुंचा था और रात में वहीं रुक गया था। रात करीब ढाई बजे विशेश्वर की पत्नी सहोद्रा नए मकान में पहुंची और परिजनों को बताया कि उसका पति कहीं गिर गया है और उसे चोट लगी है। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो विशेश्वर के सिर पर गंभीर चोटें थीं और काफी खून बह रहा था। परिजन उसे तुरंत धरमजयगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान सुबह करीब 5 बजे उसकी मौत हो गई।जांच में सामने आया अवैध संबंध का मामला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत को हत्या बताया, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस जांच में पता चला कि टीका राम उर्फ बन सागर राठिया और मृतक की पत्नी सहोद्रा राठिया के बीच अवैध संबंध थे। दोनों के बीच संबंधों की जानकारी विशेश्वर को हो गई थी।
इसी बात को छिपाने के लिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ईंट और सिलबट्टे से विशेश्वर के सिर पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच पूरी होने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी अमित शुक्ला ने न्यायालय में चालान पेश किया था।