शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ और ‘मिशन स्पंदन’ के संयुक्त तत्वावधान में विशेष जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ के अंतर्गत हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, चिकित्सकों और महाविद्यालय के कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
ब्रह्माकुमारी संस्था चला रही नशामुक्ति अभियान
यह महाअभियान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मेडिकल विंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से देशभर में लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर परिवार और समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया जा रहा है।
विद्यार्थियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने ली शपथ
छात्र-छात्राओं, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने हाथ आगे बढ़ाकर जीवनभर नशे से दूर रहने की शपथ ली। सभी प्रतिभागियों ने स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
महाविद्यालय प्रशासन को दिया गया प्रशस्ति पत्र
ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों ने ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ में सक्रिय सहभागिता और सहयोग के लिए शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। संस्था ने अभियान को विद्यार्थियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने में महाविद्यालय की भूमिका की सराहना की। इस दौरान प्रशासन ने भी भविष्य में ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में सहयोग जारी रखने की बात कही।
पोस्टर और पम्फलेट से दिया नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों ने ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा’ से संबंधित पोस्टर और पम्फलेट प्रदर्शित किए। इनके माध्यम से लोगों को नशे से होने वाली बीमारियों, मानसिक तनाव और पारिवारिक समस्याओं के बारे में जागरूक किया गया।
जागरूक और नशामुक्त नागरिकों की भूमिका
स्वस्थ और सशक्त समाज के लिए नशामुक्त युवा जरूरी संस्था के प्रतिनिधियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना बेहद आवश्यक है। युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य तथा राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने के साथ परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।