मौत का हाईवे : अज्ञात वाहन ने मॉर्निंग वॉक पर निकले 3 बुजुर्गों को रौंदा, मौके पर ही थमी सांसें
बलौदा क्षेत्र के कोरबी गांव के पास भारत माला मार्ग पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन बुजुर्गों को कुचल दिया। हादसे में सन्तू यादव, केदार बरेठ और दिलहरण वैष्णव की मौके पर ही मौत हो गई। चालक वाहन समेत फरार हो गया।
क
कीर्तिमान न्यूज
28 Jun 2026, 02:32 PM
जांजगीर-चांपा
जिले के बलौदा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोशित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के कोरबी गांव के पास भारत माला मार्ग पर आज सुबह काल बनकर दौड़े एक अज्ञात वाहन ने मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन बुजुर्गों को पीछे से बुरी तरह कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि तीनों बुजुर्गों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर भारी गुस्सा है। मिली जानकारी के अनुसार, रोज की तरह आज सुबह भी ग्रामीण सड़क किनारे टहलने निकले थे। तभी कोरबा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने इन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
चालक वाहन समेत फरार
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सन्तू यादव (निवासी कोरबी), केदार बरेठ और दिलहरण वैष्णव (निवासी डोंगरी) के रूप में हुई है। टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। फिलहाल पुलिस आसपास के ढाबों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि हत्यारे वाहन की पहचान की जा सके।
प्रशासनिक लापरवाही
इस पूरे हादसे के पीछे एक बड़ा प्रशासनिक लापरवाही सामने आया है। दरअसल, भारत माला मार्ग पर अभी आधिकारिक रूप से आम जनता के आवागमन की शुरुआत नहीं हुई मृतकहै। इसके बावजूद, कोरबा की ओर से आने वाले भारी और कमर्शियल वाहन इस रूट पर अवैध (अनाधिकृत) रूप से धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। चूंकि सड़क का यह हिस्सा पूरी तरह चालू नहीं है, इसलिए गाड़ियां अक्सर 'वन वे' की तरह एक ही लेन पर बेतरतीब ढंग से चलती हैं।
नहीं लगा पा रहे आवाजाही पर रोक
सुबह के वक्त कोहरे या अंधेरे का फायदा उठाकर ये वाहन काल की रफ्तार से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों की इस अवैध आवाजाही पर न तो स्थानीय जिला प्रशासन लगाम लगा पा रहा है और न ही भारत माला सड़क प्रोजेक्ट के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।
लापरवाही का पुराना रिकॉर्ड: यह कोई पहली घटना नहीं है जब इस अधूरे मार्ग ने किसी की जान ली हो। पिछले कुछ महीनों के भीतर ही यह सड़क कई परिवारों को उजाड़ चुकी है:
3 महीने पहले: अकलतरा क्षेत्र में इसी मार्ग पर हुए हादसे में एक तहसीलदार की पत्नी की दुखद मौत हो गई थी।
1 महीने पहले: बलौदा क्षेत्र के अंतर्गत ही एक अन्य सड़क दुर्घटना में 2 लोगों की जान चली गई थी।
जनता पूछ रही सवाल
और कितनी मौतों के बाद जागेगा प्रशासन? लगातार हो रही इन मौतों ने अब कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब यह मार्ग अभी शुरू ही नहीं हुआ है, तो भारी गाड़ियां इस पर कैसे प्रवेश कर रही हैं? क्या बिना बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों के इस तरह वाहनों को छोड़ देना सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं है? अब देखना यह होगा कि इस ट्रिपल मर्डर जैसे हादसे के बाद भी जिला प्रशासन और भारत माला प्रोजेक्ट के अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या फिर इस सड़क पर यूं ही खूनी खेल जारी रहेगा।