राजनांदगांव जिले में खरीफ सीजन के बीच किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ जांच अभियान चलाया है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर जिले के 25 लाइसेंसधारी कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया।
जांच में नियमों का पालन नहीं करने और दस्तावेजों में अनियमितता मिलने पर 20 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं पांच प्रतिष्ठानों में कीटनाशकों की जब्ती और सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई। उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की अलग-अलग टीमों ने कीटनाशक दुकानों की जांच की।
20 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस
इस दौरान दुकानों में उपलब्ध कीटनाशकों के स्टॉक के साथ स्टॉक रजिस्टर, बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों का मिलान किया गया। विभाग का उद्देश्य अमानक और नियमों के विपरीत बेचे जा रहे कीटनाशकों पर रोक लगाना है, ताकि किसानों को खरीफ सीजन में सही और गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री मिल सके। जांच के दौरान कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों के तहत अनियमितताएं मिलने पर 20 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इनमें डुमरडीह का दुर्गा कृषि केंद्र, तिलई का सिन्हा कृषि केंद्र, लखोली नाका का छत्तीसगढ़ कृषि केंद्र, बसंतपुर का महावीर ट्रेडर्स, पुराना गंज चौक के सोनकर कृषि केंद्र और भारत कृषि केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा कोकपुर के प्रजापति कृषि सेवा केंद्र, मोहड़ के शिवम कृषि केंद्र, अरसीटोला के हरिओम कृषि केंद्र, छुरिया के साहू कृषि केंद्र, आरू कृषि केंद्र और लक्ष्मी कृषि केंद्र के साथ धुसेरा के सिन्हा कृषि केंद्र, मुसराकला के हरिओम कृषि केंद्र और ढारा के पूरन एग्रोटेक सहित संबंधित प्रतिष्ठानों पर भी विभाग ने कार्रवाई की है। जांच के दौरान पांच प्रतिष्ठानों में कीटनाशकों की जब्ती और सुपुर्दगी की कार्रवाई भी की गई।पांच केंद्रों में कीटनाशकों की जब्ती
इनमें कुम्हालोरी का श्री कृषि केंद्र, सुरगी का शिवशक्ति कृषि केंद्र, उपरवाह का साहू कृषि केंद्र, सिंगारपुर का छत्तीसगढ़ कृषि केंद्र और कोकपुर का साहू कृषि केंद्र शामिल हैं। विभाग ने यहां मिले कीटनाशकों और उनसे संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की। उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने कीटनाशक विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के कीटनाशक बेचने, स्टॉक का सही रिकॉर्ड नहीं रखने या अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विक्रेताओं को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की हिदायत भी दी गई है। कृषि विभाग ने साफ किया है कि कीटनाशक दुकानों की जांच केवल एक बार की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। खरीफ सीजन के दौरान जिले में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि किसानों तक गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।