प्रदेशभर में सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड व्यवस्था में बदलने की योजना फिलहाल आगे नहीं बढ़ पाई है। ऊर्जा विभाग ने एक अगस्त से सरकारी कनेक्शनों को प्रीपेड मोड में शिफ्ट करने की तैयारी की थी, लेकिन अधिकांश विभागों की ओर से तीन महीने का बिजली बिल एडवांस में जमा नहीं किया गया। इसके चलते तय समय पर योजना लागू नहीं हो सकी।
एडवांस भुगतान के लिए ऊर्जा विभाग ने संबंधित विभागों को 10 अगस्त तक अतिरिक्त समय दिया था। अब यह समयसीमा भी समाप्त हो रही है, लेकिन कई विभागों की ओर से अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।
चार विभागों ने ही जमा किया एडवांस भुगतान
बिजली विभाग ने पहले ही सभी सरकारी विभागों को पत्र जारी कर प्रीपेड व्यवस्था के लिए जरूरी एडवांस राशि जमा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक केवल चार विभागों ने ही राशि जमा कराई है। इनमें क्रेडा और लोक निर्माण विभाग जैसे विभाग शामिल हैं। अधिकांश विभागों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किए जाने के कारण बिजली कनेक्शनों को निर्धारित योजना के अनुसार प्रीपेड सिस्टम में नहीं बदला जा सका।
तीन जिलों में 100 करोड़ से ज्यादा बिजली बिल बकाया
अविभाजित राजनांदगांव जिले की स्थिति इस मामले में सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया 100 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राजनांदगांव जिले में करीब 60.47 करोड़ रुपए, केसीजी जिले में 24.70 करोड़ रुपए और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में लगभग 22.5 करोड़ रुपए का बिजली बिल लंबित है।10 हजार से ज्यादा सरकारी कनेक्शन होंगे प्रीपेड
बिजली विभाग की योजना के तहत अविभाजित राजनांदगांव जिले के 10,277 सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड मीटर प्रणाली से जोड़ने की तैयारी की गई थी। इसमें राजनांदगांव जिले के 5,485, केसीजी जिले के 1,965 और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के 2,827 कनेक्शन शामिल हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, आंगनबाड़ी, पुलिस समेत अन्य विभागों के बिजली कनेक्शनों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर प्रीपेड व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई गई है। ऊर्जा विभाग का मानना है कि प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी विभागों में बिजली खपत और भुगतान व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। हालांकि, विभागों की ओर से एडवांस राशि जमा नहीं होने के कारण फिलहाल इस योजना को आगे बढ़ाने में देरी हो रही है।