Dhamtari News: अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है, दीपावली के त्योहार को देखते हुए जिले में पटाखों के कारोबार पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर बिना वैध लाइसेंस के रखे गए पटाखों का भंडार पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग कंपनियों के पटाखे जब्त किए गए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।
फरसिया गांव में घर के अंदर चल रहा था पटाखों का अवैध कारोबार
पुलिस की पहली कार्रवाई नगरी थाना क्षेत्र के ग्राम फरसिया में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति अपने घर में बिना वैध लाइसेंस के बड़ी मात्रा में पटाखे जमा कर रहा है और उन्हें बेचने की तैयारी में है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित घर की जांच की। तलाशी के दौरान घर में अलग-अलग कंपनियों के पटाखे रखे हुए मिले।
मगरलोड में किराना स्टोर के अंदर मिला पटाखों का स्टॉक
अवैध पटाखों के खिलाफ दूसरी कार्रवाई मगरलोड थाना क्षेत्र में की गई। यहां भरदा मार्ग स्थित बेकरी भंडार एवं किराना स्टोर में बिना अनुमति पटाखों का भंडारण किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस की टीम ने दुकान पर दबिश दी। जांच के दौरान दुकान के अंदर एक कार्टून में अलग-अलग कंपनियों के पटाखे रखे मिले। पुलिस ने इन पटाखों को जब्त कर उनकी कीमत करीब 16 हजार 500 रुपए आंकी है।दोनों मामलों में तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
धमतरी जिले में की गई इन दोनों कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने कुल तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, अवैध रूप से पटाखे रखने और उनकी बिक्री करने के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जब्त किए गए पटाखों को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
त्योहार के दौरान अवैध पटाखा कारोबार पर पुलिस की नजर
दीपावली के समय पटाखों की मांग बढ़ने के साथ ही अवैध बिक्री और भंडारण की आशंका भी बनी रहती है। बिना निर्धारित अनुमति के बड़ी मात्रा में पटाखे जमा करना आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। खासकर रिहायशी इलाकों और सामान्य दुकानों में पटाखों का असुरक्षित भंडारण आगजनी और विस्फोट जैसी घटनाओं का कारण बन सकता है।
नोट:- मूल जानकारी में जब्त पटाखों की कीमत फरसिया में 1.30 लाख रुपए और मगरलोड में 16,500 रुपए बताई गई है। दोनों का कुल मूल्य 1 लाख 46 हजार 500 रुपए होता है। इसलिए खबर में 'लाखों के पटाखे' के बजाय '1.46 लाख रुपए से अधिक के पटाखे' लिखना अधिक सटीक होगा।












