BJP Rally: छत्तीसगढ़ के धमतरी में भाजपा के ‘भीड़ तंत्र हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित रैली और जिला स्तरीय कार्यक्रम में उस वक्त राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं, जब कुरूद विधायक अजय चंद्राकर का अलग अंदाज देखने को मिला। कार्यक्रम में वे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे, लेकिन मंच पर बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच नीचे ही बैठे रहे। कार्यक्रम के दौरान जिले के प्रभारी और कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने उन्हें मंच पर आने का आग्रह भी किया। हालांकि, चंद्राकर अपनी जगह से नहीं उठे। उनके इस रुख ने आयोजन में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान खींचा।
स्वागत-सत्कार पर भी जताई आपत्ति
अजय चंद्राकर ने अपने संबोधन में नेताओं के स्वागत और सत्कार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अहिवारा के दिवंगत विधायक को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने की अपील की। उनके भाषण और मंच से दूरी बनाए रखने के फैसले को लेकर कार्यक्रम के बाद भी चर्चाएं होती रहीं।
नाराजगी के सवाल पर नेताओं ने क्या कहा
कार्यक्रम के बाद जब मीडिया ने अजय चंद्राकर के व्यवहार और नाराजगी को लेकर सवाल किया, तो कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा और खुद अजय चंद्राकर ने नाराजगी की बात से इनकार कर दिया। हालांकि, आयोजन का उद्देश्य लोकतंत्र और भीड़ तंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाना था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान अजय चंद्राकर का मंच पर नहीं बैठना और स्वागत-सत्कार पर उनकी टिप्पणी चर्चा का प्रमुख विषय बन गई। फिलहाल, उनके इस रुख के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।पर भी जताई आपत्ति अजय चंद्राकर ने अपने संबोधन में नेताओं के स्वागत और सत्कार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अहिवारा के दिवंगत विधायक को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने की अपील की। उनके भाषण और मंच से दूरी बनाए रखने के फैसले को लेकर कार्यक्रम के बाद भी चर्चाएं होती रहीं।






