Fake Doctor Case: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गांधीनगर स्थित श्री महावीर हॉस्पिटल में ICU में सेवाएं दे रहे एक डॉक्टर की डिग्री जांच के दौरान संदिग्ध पाई गई। दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला कि डॉक्टर नुरैल आलम की डिग्री पर दर्ज QR कोड किसी दूसरे डॉक्टर के नाम से जुड़ा हुआ था। मामले में पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में QR कोड से खुला मामला
जानकारी के मुताबिक, CMHO सरगुजा और नर्सिंग होम एक्ट से जुड़े अधिकारियों की टीम ने हाल ही में श्री महावीर हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की गई। इसी प्रक्रिया में ICU में सेवाएं दे रहे डॉक्टर नुरैल आलम की डिग्री का QR कोड स्कैन किया गया। जांच में QR कोड पर किसी अन्य डॉक्टर का नाम सामने आया। इसके बाद दस्तावेजों की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठे और स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले की जानकारी मिलने के बाद सरगुजा कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद CMHO कार्यालय की ओर से पुलिस थाने में शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर नुरैल आलम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।डॉक्टर की नियुक्ति करने वाली कंपनी भी जांच के दायरे में
इस मामले में डॉक्टर की नियुक्ति कराने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी की भूमिका भी जांची जाएगी। पुलिस कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास करेगी कि नियुक्ति के समय डॉक्टर के शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था या नहीं। स्वास्थ्य विभाग जिले के उन अन्य अस्पतालों की भी जांच कर सकता है, जहां आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाएगी कि संबंधित डॉक्टर ने अस्पताल में रहते हुए कितने मरीजों का इलाज किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति कैसे हुई और इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।







