पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के बड़े नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर संकट गहराता जा रहा है।
राज्य में राजनीतिक फेरबदल के बाद से ही विभिन्न जांच एजेंसियां उनके पीछे लगी हुई हैं। केंद्रीय एजेंसी ईडी और राज्य की सीआईडी लगातार उनसे कई-कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी हैं। इसी सिलसिले में आज मंगलवार, 16 जून को उन्हें एक बार फिर जांच अधिकारियों के सामने हाजिर होना है।
अलग-अलग मामलों में घिरे टीएमसी महासचिव
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी इस समय एक साथ कई कानूनी मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट यानी सीआईडी उनसे फर्जी दस्तखत से जुड़े एक गंभीर मामले में पूछताछ कर रही है। वहीं दूसरी तरफ देश की बड़ी केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के अधिकारी उनसे प्राथमिक स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में कड़े सवाल-जवाब कर रहे हैं। इन लगातार होती कार्यवाहियों के चलते अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक मुश्किलें हर बीतते दिन के साथ बढ़ती जा रही हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण का है आरोप
आज होने वाली सीआईडी की पूछताछ का मुख्य कारण चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया एक भाषण है। सीआईडी ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी को एक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन पर चुनावी रैलियों के दौरान भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया गया है।
इसी मामले में अपनी स्थिति साफ करने और जांच में शामिल होने के लिए उन्हें आज दोपहर को सीआईडी दफ्तर बुलाया गया है।
नोटिस देने के लिए दो घंटे रुकी रही पुलिस की टीम
इस पूरे मामले में जांच अधिकारियों की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को जब सीआईडी की टीम नोटिस लेकर पहुंची, तो उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारी हर हाल में नोटिस खुद अभिषेक बनर्जी को सौंपना चाहते थे। इसके लिए पूरी टीम को उनके घर पर करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। आज की इस पूछताछ पर पूरे राज्य की राजनीतिक पार्टियों की नजरें टिकी हुई हैं कि इसमें क्या नया मोड़ आता है।
