प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 502 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा 372 करोड़ रुपये रहा था।
हालांकि, बेहतर मुनाफे के बावजूद बुधवार को बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और बीएसई पर स्टॉक 15 फीसदी से ज्यादा गिरकर 175.50 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया।
गाइडेंस में कटौती से दबाव में आया शेयर
बैंक के शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह उसका रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) गाइडेंस कम करना माना जा रहा है। बंधन बैंक ने ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं और डिपॉजिट पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपने अनुमान में बदलाव किया है। निवेशकों को आशंका है कि आने वाले समय में बैंक की लाभप्रदता पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसी वजह से अच्छे तिमाही नतीजों के बावजूद बाजार में शेयर पर नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मार्जिन में आई गिरावट
जून तिमाही में बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 19 फीसदी घटकर 1,358 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 2,920 करोड़ रुपये रही। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 16 बेसिस प्वाइंट गिरकर 6.2 फीसदी पर आ गया।
एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
बंधन बैंक के लिए राहत की बात यह रही कि जून तिमाही में उसकी एसेट क्वालिटी बेहतर हुई है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो घटकर 3.15 फीसदी रह गया, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 4.96 फीसदी था। इससे बैंक के लोन पोर्टफोलियो में सुधार के संकेत मिले हैं।
शेयर 52 हफ्ते के हाई से नीचे आया
बंधन बैंक का शेयर मंगलवार को 208.60 रुपये पर बंद हुआ था। बुधवार को यह 187.75 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 15 फीसदी से ज्यादा गिरकर 175.50 रुपये तक पहुंच गया। स्टॉक का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 220.70 रुपये है, जो 15 जुलाई को दर्ज किया गया था। वहीं, इसका 52 हफ्ते का निचला स्तर 134.30 रुपये है।
ब्रोकरेज ने घटाई रेटिंग, दिया 225 रुपये का लक्ष्य
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने बंधन बैंक की रेटिंग को घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया है। हालांकि ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 225 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक बैंक का नेट प्रॉफिट उम्मीद से बेहतर रहा, जिसकी वजह कम प्रोविजनिंग रही। हालांकि FY27 और FY28 के लिए बैंक की कमाई के अनुमान में क्रमशः 14 फीसदी और 6 फीसदी की कटौती की गई है।