बस्तर की लोकसंस्कृति की गूंज दिल्ली तक, राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा जनजातीय दल
बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विकास की नई तस्वीर देश के सामने रखने के उद्देश्य से 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना हुआ। दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर बस्तर की लोकसंस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और बदलते स्वरूप की जानकारी देगा।
प्रकाशित: 29 Jul 2026, 09:46 AM· अपडेट: 30 Oct 2026, 06:36 AM
बस्तर
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बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और विकास की नई तस्वीर को देश के सामने रखने के उद्देश्य से बस्तर का 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इस दल में परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 से जुड़े जनजातीय युवा कलाकार, समाज प्रतिनिधि और पद्मश्री सम्मान प्राप्त व्यक्ति शामिल हैं।
यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल बस्तर की गौरवशाली लोकसंस्कृति, सामाजिक व्यवस्थाओं, पारंपरिक रीति-रिवाजों और जनजातीय जीवन शैली से राष्ट्रपति को अवगत कराएगा।
हिंसा की पहचान से विकास की ओर बढ़ रहा बस्तर
प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के सामने बस्तर में आए बदलाव की तस्वीर भी रखेगा। सदस्य बताएंगे कि कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए चर्चा में रहने वाला बस्तर अब शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सरकार की विकास योजनाओं और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इसके परिणामस्वरूप बस्तर में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर बढ़े हैं।
बस्तर जनजातीय दल दिल्ली रवानासंस्कृति और उपलब्धियों का संदेश लेकर पहुंचेंगे युवा
बस्तर के युवा कलाकार और समाज प्रतिनिधि राष्ट्रपति को बताएंगे कि यहां की पहचान अब केवल प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक भागीदारी, आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाओं से भी जुड़ रही है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करेगा और संदेश देगा कि नया बस्तर अवसरों, प्रतिभा और प्रगति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली रवाना हुए प्रतिनिधिमंडल को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दल केवल बस्तर का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को देश के सामने प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
नया बस्तर शांति और अवसरों का बस्तर है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदलाव की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर यह क्षेत्र अब शिक्षा, पर्यटन, खेल, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के सामने बस्तरवासियों की ओर से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिले सहयोग और देश के नेतृत्व के प्रति धन्यवाद भी प्रकट करेगा। यह यात्रा देश को यह संदेश देगी कि बस्तर अब डर और भय नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और नई उम्मीदों की पहचान बन चुका है।