Sunday, 06 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Bilaspur News: CRPF कैंप में आरक्षक का शव पेड़ पर लटका मिला, ड्यूटी के बाद से था लापता Department of Minerals: बीजाभांठा में अवैध मुरूम खनन का खुलासा, खनिज-राजस्व विभाग ने जब्त की मशीनें Gajpalla Waterfall Accident: पिकनिक की खुशी मातम में बदली, गजपल्ला वॉटरफॉल में डूबने से युवक की मौत Raipur Crime News: गुढ़ियारी में नाबालिगों को डराकर जेवरात लेने का आरोप, दंपती के खिलाफ FIR Raipur Road Accident: सेरीखेड़ी में देर रात दर्दनाक सड़क हादसा, कार पलटने से युवती की मौत और तीन लोग घायल Bilaspur News: CRPF कैंप में आरक्षक का शव पेड़ पर लटका मिला, ड्यूटी के बाद से था लापता Department of Minerals: बीजाभांठा में अवैध मुरूम खनन का खुलासा, खनिज-राजस्व विभाग ने जब्त की मशीनें Gajpalla Waterfall Accident: पिकनिक की खुशी मातम में बदली, गजपल्ला वॉटरफॉल में डूबने से युवक की मौत Raipur Crime News: गुढ़ियारी में नाबालिगों को डराकर जेवरात लेने का आरोप, दंपती के खिलाफ FIR Raipur Road Accident: सेरीखेड़ी में देर रात दर्दनाक सड़क हादसा, कार पलटने से युवती की मौत और तीन लोग घायल
W 𝕏 f
होम विदेश Egypt Death Penalty: मिस्र में महिला टीवी एंकर सम…
Sara Khalifa and the Egyptian death penalty case (Image Source - Keertiman Media)
Sara Khalifa and the Egyptian death penalty case (Image Source - Keertiman Media)
विदेश

Egypt Death Penalty: मिस्र में महिला टीवी एंकर समेत 12 लोगों को फांसी की सजा, ड्रग्स मामले में दोषी

Egypt Death Penalty: मिस्र की टीवी प्रजेंटर सारा ख़लीफ़ा समेत 12 लोगों को ड्रग्स तस्करी और नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। अदालत के मुताबिक आरोपियों से बड़ी मात्रा में ड्रग्स, कच्चा माल और अवैध हथियार बरामद हुए थे। हालांकि, दोषियों के पास अभी फैसले के खिलाफ अपील का कानूनी विकल्प मौजूद है।

कीर्तिमान डेस्क | कमलेश साहू
06 Sep 2026, 07:58 PM
मिस्र
Egypt Death Penalty: मिस्र की टीवी प्रजेंटर Sarah Khalifa समेत 12 लोगों को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। आरोप है कि सभी एक आपराधिक गिरोह का हिस्सा थे, जो विदेशों से ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मंगाकर नशीले पदार्थ तैयार करता था और उनकी बिक्री करता था। जांच के दौरान आरोपियों के पास से अवैध हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कई तरह के सबूत पेश किए।

750 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त 

मुकदमे के दौरान अदालत को बताया गया कि अधिकारियों ने 750 किलो से अधिक नशीले पदार्थ और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल जब्त किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 20 गवाहों के बयान भी दर्ज कराए गए। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए। इनमें आरोपियों के बीच हुई बातचीत और वीडियो क्लिप शामिल थीं। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं सबूतों के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका को अदालत के सामने रखा। 

टीवी शो 'मिशन इम्पॉसिबल' से पहचान 

39 वर्षीय सारा ख़लीफ़ा मिस्र में टीवी प्रजेंटर के तौर पर जानी जाती हैं। वह 'मिशन इम्पॉसिबल' नाम के कार्यक्रम से जुड़ी रही हैं, जिसमें अपराध से संबंधित मामलों को दिखाया जाता था। सारा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। पिछले साल सितंबर में अदालत में पेशी के दौरान जब जज ने उनसे मामले में उनकी कथित भूमिका के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कहा था कि उन्होंने इससे पहले कभी ड्रग्स नहीं देखे थे। सारा के मुताबिक, उन्होंने पहली बार ड्रग्स तब देखे, जब नशीले पदार्थ विरोधी एजेंसी के कार्यालय में उनके साथ उनकी तस्वीर ली गई थी।

ग्रैंड मुफ़्ती से ली गई धार्मिक राय 

इस मामले में अदालत ने अपना फैसला पहली बार पिछले महीने सुनाया था। हालांकि, मौत की सजा को औपचारिक रूप से पक्का करने से पहले मिस्र के ग्रैंड मुफ़्ती से धार्मिक राय ली गई। मिस्र में मौत की सजा से जुड़े मामलों में यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, ग्रैंड मुफ़्ती की राय अदालत के लिए बाध्यकारी नहीं होती। इसके बाद अदालत ने 12 आरोपियों के लिए मौत की सजा की पुष्टि कर दी। 

मिस्र में मौत की सजा को लेकर सवाल 

एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र में उस साल 492 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि 23 लोगों को फांसी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों को फांसी दी गई, उनमें कुछ को ड्रग्स की तस्करी और बलात्कार जैसे अपराधों में दोषी ठहराया गया था। एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और मानकों के तहत मौत की सजा का इस्तेमाल केवल बेहद गंभीर अपराधों, जैसे जानबूझकर की गई हत्या, के मामलों तक सीमित होना चाहिए।

अभी खत्म नहीं हुए कानूनी विकल्प 

अदालत से मौत की सजा मिलने के बाद भी सारा ख़लीफ़ा और अन्य दोषियों के कानूनी विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। मामला मिस्र की सर्वोच्च अपीलीय अदालत, कोर्ट ऑफ कैसैशन, तक पहुंच सकता है। बचाव पक्ष वहां निचली अदालत के फैसले और उसके कानूनी आधार को चुनौती दे सकता है। अपील की सुनवाई के बाद मौत की सजा बरकरार रह सकती है, इसमें बदलाव किया जा सकता है या कुछ परिस्थितियों में मामले की दोबारा सुनवाई का रास्ता खुल सकता है। इसलिए फिलहाल अदालत का फैसला मौत की सजा का है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सजा तत्काल लागू कर दी जाएगी।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें