मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 106.19 ग्राम एमडीएमए (MDMA) बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त मादक पदार्थ और एक आईफोन समेत कुल मशरूका की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी रायपुर में एमडीएमए की खेप पहुंचाने और उसे सप्लाई करने के उद्देश्य से आया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनिवास माचरा (22 वर्ष) के रूप में हुई है।
ओवरब्रिज के नीचे पकड़ा गया आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक अपने पास एमडीएमए रखे हुए है और उसे बेचने की तैयारी में है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध युवक की गतिविधियों पर नजर रखी। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर युवक की पहचान की गई और घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार 9 अगस्त 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति अवैध रूप से एमडीएमए लेकर घूम रहा है।
पुलिस ने बनाई कार्रवाई की योजना
इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों की पुष्टि की और कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने आरोपी के पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें संदिग्ध मादक पदार्थ मिला। जांच के दौरान पदार्थ एमडीएमए होना पाया गया। पुलिस ने आरोपी से मादक पदार्थ रखने और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 106.19 ग्राम एमडीएमए और एक आईफोन जब्त किया गया।तलाशी में मिला 106.19 ग्राम एमडीएमए
पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये है। मामले में गंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 22(ग) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एमडीएमए की बिक्री करता था। आरोपी अपने साथियों के कहने पर एमडीएमए की खेप लेकर रायपुर पहुंचा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को यह नशीला पदार्थ कहां से मिला और रायपुर में इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
साथियों संग करता था सप्लाई
मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में नशे के कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों का खुलासा हो सकता है। पुलिस अब एमडीएमए सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी, स्थानीय नेटवर्क और खरीददारों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस संदिग्ध लोगों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच की जा रही है।73 मामलों में 163 आरोपियों पर कार्रवाई
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम लगातार नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 73 प्रकरण दर्ज कर 163 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में करीब 5 करोड़ 47 लाख 4 हजार 290 रुपये कीमत की अलग-अलग सामग्री जब्त की गई है।