राहुल गांधी का आयोग और केंद्र सरकार पर हमला
इस बड़े राजनीतिक मोड़ पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए आयोग की निष्पक्षता और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा:
एक ही ढर्रे की पुनरावृत्ति: पहले महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के मामलों में जो हुआ, अब वही तरीका बंगाल में दोहराया जा रहा है।
गठबंधन पर आरोप:
- लोकतंत्र पर सवाल:
राहुल ने इस पूरे तरीके को ‘वोट की चोरी’, ‘सरकार की चोरी’ और ‘पार्टी की चोरी’ करार दिया। उनका मानना है कि चुनाव आयोग का मूल दायित्व जन-जनादेश की सुरक्षा करना है, न कि लोकतांत्रिक तंत्र को प्रभावित करने वाली ताकतों का समर्थन करना। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सवाल सिर्फ एक पार्टी या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे का है।
आखिर क्या है TMC के भीतर चल रहा विवाद?
पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के ठीक पहले पार्टी पर वर्चस्व को लेकर टीएमसी दो अलग-अलग गुटों में बंटती दिख रही है। दोनों ही पक्ष खुद को पार्टी का असली हकदार बता रहे हैं।
- आयोग का निर्देश: दोनों धड़ों के दावों को देखते हुए चुनाव आयोग ने नाम और निशान को फिलहाल फ्रीज कर दिया है।
- नए विकल्पों की मांग: दोनों गुटों से नए नाम और उपलब्ध फ्री-सिंबल्स में से तीन-तीन विकल्प मांगे गए हैं, ताकि वे उपचुनावों में हिस्सा ले सकें।
चुनाव आयोग के इस कदम ने न केवल बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे को भी एक बार फिर से लामबंद होने और सवाल उठाने की बड़ी वजह दे दी है।

