Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मंगलवार को जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए। विधायक अभय मिश्रा ने दावा किया कि संजय गांधी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के नाम पर न केवल मृतकों के परिजनों से रुपए ऐंठे जाते हैं, बल्कि महिलाओं के शवों के साथ भी बेहद गंभीर और अमानवीय अपराध को अंजाम दिया जाता है। उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
शिकायत या प्रमाण नहीं आया सामने
हालांकि, विधायक द्वारा लगाए गए इन गंभीर दावों की फिलहाल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन या पुलिस की तरफ से भी इस तरह की किसी घटना से संबंधित कोई आधिकारिक तथ्य, शिकायत या प्रमाण सामने नहीं आया है। फिलहाल इन दावों को विधायक के राजनीतिक बयानों के तौर पर ही देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इस अस्पताल में रोजाना करीब 3 से 10 शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाता है।
उच्चस्तरीय जांच के दिए आदेश
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन संजय गांधी अस्पताल में हुई एक दुखद घटना के बाद और तेज हुआ है। हाल ही में प्रसूता कल्पना मिश्रा को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) के बाद महिला और उसके नवजात बच्चे, दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर शुरुआती कार्रवाई करते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग
धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी अस्पताल की बदहाली पर सरकार को घेरा। उन्होंने कल्पना मिश्रा प्रकरण के साथ-साथ हाल ही में एक मरीज को जिंदा रहते मृत घोषित किए जाने के मामले का जिक्र किया। दिग्विजय सिंह ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अस्पताल की इस बदहाली की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की।
जब तक नहीं होती कार्रवाई तब तक नहीं थमेगा आंदोलन
दूसरी ओर, मृतका कल्पना मिश्रा के पिता अपनी बेटी और नाती की मौत के जिम्मेदार लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

