सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही शहर का प्राचीन मां महामाया मंदिर शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गया है। पूरे सावन मास के दौरान मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
साहू परिवार ने लिया पूरे महीने रुद्राभिषेक का संकल्प
सावन माह के अवसर पर राजमाता सीतादेवी साहू, मनोजकांत साहू तथा नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू के परिवार द्वारा पूरे महीने प्रतिदिन रुद्राभिषेक कराने का संकल्प लिया गया है। इसी संकल्प के तहत प्रतिदिन विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक कराया जा रहा है। पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान का लाभ ले रहे हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हो रही पूजा
मंदिर में नागर पुरोहित पंडित पंकज तिवारी के आचार्यत्व में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार रुद्राभिषेक कराया जा रहा है। अभिषेक के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और बेलपत्र अर्पित किए जा रहे हैं। साथ ही रुद्र सूक्त, महामृत्युंजय मंत्र, शिव तांडव स्तोत्र एवं अन्य वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जा रहा है। मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है और श्रद्धालु भक्ति भाव से पूजा में सहभागी बनते हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ रही संख्या
सावन माह के कारण प्रतिदिन सुबह और शाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु जलाभिषेक के साथ रुद्राभिषेक में भी शामिल होकर परिवार की खुशहाली, संतान सुख, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।
सावन को बताया भगवान शिव का प्रिय माह
नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इसी भावना से उनके परिवार ने पूरे सावन मास तक प्रतिदिन रुद्राभिषेक कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं, बल्कि समाज में सुख, शांति, समृद्धि और विश्व कल्याण की भावना को मजबूत करना भी है।