सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, महासमुंद के दो युवकों पर एफआईआर दर्ज
शासकीय मदिरा दुकान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 2.30 लाख रुपये लेने का आरोप है। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने महासमुंद और रायपुर निवासी दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शासकीय मदिरा दुकान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर महासमुंद और रायपुर के रहने वाले दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम नदी चरौदा (चौकी बुंदेली, थाना तेंदूकोना) निवासी राकेश कुमार चक्रधारी (31 वर्ष) ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत आवेदन दिया था।
नौकरी लगवाने के नाम पर हड़पी रकम
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि डोमार तांडी और अंकित चंद्रकर नाम के दो व्यक्तियों ने उसे और उसके रिश्तेदार को सरकारी मदिरा दुकान में नौकरी लगवाने का लालच देकर बड़ी रकम हड़प ली। कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन मिलने के बाद मामला महासमुंद पुलिस अधीक्षक के पास भेजा गया। इसके बाद बुंदेली चौकी के प्रधान आरक्षक भागवत प्रसाद मिरी ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।
किया गया बयान दर्ज
जांच के दौरान पीड़ित राकेश चक्रधारी, उनके ससुर केशव राणा, गवाह भूषण चक्रधारी, हेमंत साहू, चंद्रकुमार चक्रधारी और आरोपी डोमार तांडी व अंकित चंद्राकर के बयान दर्ज किए गए।
फोनपे, गूगलपे और नगद के जरिए वसूले पैसे
जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने आपसी सांठगांठ कर नौकरी के नाम पर कुल 2,30,000 रुपये ऐंठे:
राकेश चक्रधारी से: आरोपी डोमार तांडी के मोबाइल नंबर पर पीड़ित के ससुर के फोनपे से 1,20,000 रुपये और राकेश के गूगलपे से 20,000 रुपये (कुल 1.40 लाख रुपये) ट्रांसफर करवाए गए।
भूषण लाल चक्रधारी से: उनके बेटे अमित कुमार चक्रधारी को नौकरी दिलाने के नाम पर 90,000 रुपये नगद वसूले गए।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली और पैसे वापस मिलने की उम्मीद में देरी हुई, तब जाकर पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया।
आरोपियों का विवरण:
डोमार तांडी (30 वर्ष), पिता: धरम तांडी, निवासी: वार्ड नं. 22, सुभाष नगर, महासमुंद।
अंकित कुमार चंद्राकर (36 वर्ष), पिता: कृष्ण कुमार चंद्राकर, निवासी: ग्राम खौली, थाना खरोरा, जिला रायपुर।
पुलिस ने शिकायत जांच के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [धोखाधड़ी] और 3(5) [समान मंशा से किया गया कार्य] के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।