Fire Accident News: शहर के इमली भाटा (वार्ड नंबर 10) में लगी भीषण आग के बाद अब एक बड़ा और चौंकाने वाला पहलू सामने आ रहा है। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वह पूरी तरह से एक घनी आबादी वाला रहवासी इलाका है। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर इस रिहायशी मकान का इस्तेमाल खतरनाक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इमारत के ऊपरी हिस्से में परिवार रहते हैं, जबकि नीचे के हिस्से को बाहर से सटाकर दुकान का रूप दे दिया गया था। यहाँ फ्रिज रिपेयरिंग का काम चल रहा था।
ज्वलनशील सामग्री के कारण आग हुई बेकाबू
फ्रिज रिपेयरिंग में इस्तेमाल होने वाली गैस बेहद ज्वलनशील होती है, और बताया जा रहा है कि मकान के निचले हिस्से में इसके कंप्रेसर और सिलेंडरों का बड़ा स्टॉक रखा गया था। इसी अति-ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग देखते ही देखते बेकाबू हो गई और उसने विकराल रूप ले लिया। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब आसपास के अन्य परिवारों और मकानों पर भी इस आग की चपेट में आने का खतरा मंडरा रहा है।
इस पूरे हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
सुरक्षा के साथ खिलवाड़: पूरी तरह रिहायशी इलाके में इस तरह बारूद के ढेर जैसा व्यावसायिक कामकाज आखिर किसकी अनुमति से चल रहा था?
नगरपालिका पर उठते सवाल: घनी आबादी के बीच खतरनाक गैस कंप्रेसर के अवैध भंडारण पर अब तक नगरपालिका और संबंधित प्रशासन ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
यदि समय रहते नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन ऐसे अवैध व्यावसायिक उपयोगों पर नकेल कसता, तो आज कई परिवारों की जान-माल पर यह संकट न मंडरा रहा होता। फिलहाल मौके पर आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन इस हादसे ने पूरे वार्ड में दहशत का माहौल बना दिया है।
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