छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां आग बुझाने के लिए रवाना हुई फायर ब्रिगेड की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसा दुगली थाना क्षेत्र के गट्टासिल्ली मोड़ के पास हुआ बताया जा रहा है।
लगी आग बुझाने जा रही थी फायर ब्रिगेड
मिली जानकारी के अनुसार, नगरी स्थित अग्निशमन विभाग को धमतरी जिले के बागतराई क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। बताया जा रहा है कि वाहन तेजी से घटनास्थल की ओर बढ़ रहा था ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। इसी दौरान रास्ते में गट्टासिल्ली मोड़ के पास अचानक बड़ा हादसा हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोड़ के पास सड़क किनारे पहले से एक तूफान वाहन खड़ा था।
चालक फलेंद्र साहू की मौके पर दर्दनाक मौत
इस भीषण हादसे में फायर ब्रिगेड वाहन चला रहे नगरी निवासी फलेंद्र साहू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि चालक वाहन में बुरी तरह फंस गया था। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। फलेंद्र साहू की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार और अग्निशमन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।कंडक्टर राजू साहू गंभीर रूप से घायल
वहीं हादसे में वाहन में मौजूद कंडक्टर राजू साहू गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही दुगली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। वहीं मृतक चालक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार की वजह से हुई या सड़क पर खड़े वाहन के कारण।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि गट्टासिल्ली मोड़ हादसों का संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है, जहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा संकेतक लगाने, मोड़ों पर प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने और खड़े वाहनों पर सख्ती बरतने की मांग की है।सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों के संचालन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, खराब दृश्यता और सड़क किनारे वाहनों की लापरवाही से पार्किंग अक्सर बड़े हादसों की वजह बनती है।
