पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। मशहूर तीर्थस्थल तारापीठ में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के लिए सोमवार की सुबह एक बड़ा काल बनकर आई। यहां पुलिस थाने के ठीक पास स्थित एक होटल में अचानक भीषण आग लग गई। इस खौफनाक हादसे में कम से कम पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों में कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक घटना तड़के करीब साढ़े चार बजे की है। उस वक्त होटल में ठहरे ज्यादातर श्रद्धालु गहरी नींद में सो रहे थे।
अपने ही कमरों में फंसकर रह गए लोग
बताया जा रहा है कि आग होटल के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) से शुरू हुई और चंद मिनटों में ही इसने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटों से ज्यादा जानलेवा साबित हुआ वो गाढ़ा और जहरीला धुंआ, जो तेजी से ऊपर की मंजिलों की तरफ फैल गया। सीढ़ियों और रास्तों पर धुंआ भरने की वजह से अंदर ठहरे लोगों को बाहर भागने का कोई रास्ता ही नहीं मिल पाया। लोग अपने ही कमरों और गैलरी में फंसकर रह गए और उनका दम घुटने लगा।
फंसे लोगों का किया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग में हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने काफी लंबी जद्दोजहद के बाद किसी तरह आग की लपटों पर काबू पाया और होटल के अंदर फंसे लोगों का रेस्क्यू शुरू किया। आनन-फानन में सभी घायलों को पास के रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है।दिल दहला देने वाली चीखें
कई लोगों की हालत गंभीर होने के चलते मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। चश्मदीदों ने जो मंजर बयां किया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उनके मुताबिक, जैसे ही आग भड़की, होटल के अंदर से लोगों के 'बचाओ-बचाओ' की दिल दहला देने वाली चीखें आने लगीं। बाहर खड़े लोग चाहकर भी उन धधकती लपटों के बीच घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
हर तरफ मची अफरा-तफरी
हर तरफ बस अफरा-तफरी और हाहाकार का माहौल था। बाद में जब दमकल की टीमें आईं, तब स्थानीय लोगों ने भी हिम्मत दिखाई और रेस्क्यू ऑपरेशन में उनके साथ कंधा मिलाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर आग लगने की असली वजह क्या थी।


