महानदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आरंग क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। इसी बीच निसदा गांव में महानदी का पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
बाढ़ की स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब निसदा गांव में रहने वाले सियाराम साहू का परिवार अपने ही घर में फंस गया। पानी तेजी से बढ़ने के कारण मकान चारों तरफ से जलमग्न हो गया और परिवार के छह सदस्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
SDRF टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान
फंसे हुए परिवार को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम को मौके पर बुलाया गया। तेज बहाव और जलभराव के बीच टीम ने मोटर बोट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और परिवार के सभी छह सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सुबह दिया गया खाली करने की सलाह
जानकारी के मुताबिक, सुबह से ही महानदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सियाराम साहू और उनके परिवार को खतरे को देखते हुए घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी थी। हालांकि, परिवार ने शुरुआत में स्थिति को गंभीर नहीं समझा और घर छोड़ने से इनकार कर दिया।
कुछ घंटों में बिगड़े हालात
जलस्तर बढ़ने की रफ्तार इतनी तेज रही कि कुछ ही समय में घर चारों ओर से पानी से घिर गया। हालात बिगड़ने के बाद परिवार बाहर नहीं निकल सका और प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित निकाला।
42 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर
पंचायत प्रतिनिधियों की पहल से खतरे वाले इलाकों में रहने वाले 12 घरों के 42 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविरों और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से बड़ी घटना टल गई।
तटीय इलाकों में अलर्ट जारी
प्रशासन ने निसदा गांव समेत महानदी के किनारे बसे अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।