मोहनदास मानिकपुरी
महानदी के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब तटीय गांवों में दिखाई देने लगा है। आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में महानदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। अचानक बढ़े पानी के कारण एक मकान चारों तरफ से घिर गया, जिसमें एक परिवार के छह सदस्य फंस गए। सूचना मिलने पर SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
चेतावनी के बावजूद घर में रुका रहा परिवार
जानकारी के अनुसार, निसदा निवासी सियाराम साहू का परिवार बाढ़ की चपेट में आ गया था। महानदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने परिवार को समय रहते घर खाली करने की सलाह दी थी, लेकिन खतरे का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण उन्होंने शुरुआत में घर छोड़ने से इनकार कर दिया। कुछ ही समय बाद नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा और देखते ही देखते मकान चारों तरफ से पानी से घिर गया। बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के बाद परिवार के छह सदस्य घर में ही फंस गए।


SDRF ने मोटर बोट से किया सुरक्षित रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे और थाना प्रभारी हरीश साहू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पानी का बहाव तेज होने के कारण सामान्य तरीके से बचाव कार्य करना मुश्किल था। इसके बाद SDRF की टीम को बुलाया गया। जवानों ने मोटर बोट की मदद से जोखिम उठाते हुए मकान तक पहुंच बनाई और सियाराम साहू के परिवार के सभी छह सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पंचायत की सतर्कता से टली बड़ी घटना
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निसदा पंचायत ने भी समय रहते कदम उठाए। सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया। पंचायत टीम ने खतरे की जद में आए 12 मकानों से 42 परिवारों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया। प्रशासन और पंचायत की सक्रियता से बड़ी जनहानि टल गई।
तटीय इलाकों में अलर्ट जारी
फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर मुनादी कराई गई है। महानदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर और हालात पर नजर बनाए हुए है।