फ्रांस की राजधानी पेरिस में खेले जा रहे फ्रेंच ओपन में तीसरे दिन कई रोमांचक मुकाबले और बड़े उलटफेर देखने को मिले। महिला वर्ग में अमेरिका की स्टार खिलाड़ी कोको गॉफ ने कार एक्सीडेंट जैसी अप्रत्याशित घटना के बावजूद शानदार जीत दर्ज कर अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया। वहीं दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 16 महीनों में रिकॉर्ड 30वीं जीत हासिल की। दूसरी ओर पुरुष वर्ग में रूस के स्टार खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव पहले ही दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
एक्सीडेंट के बाद भी कोको गॉफ का आत्मविश्वास
अमेरिका की युवा टेनिस स्टार कोको गॉफ ने मैच के बाद खुलासा किया कि मुकाबले से पहले वह एक छोटे कार एक्सीडेंट का शिकार हो गई थीं। हालांकि हादसे में उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनकी कार को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखा और मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। गॉफ ने पहले दौर के मुकाबले में अपनी हमवतन खिलाड़ी टेलर टाउनसेंड को सीधे सेटों में हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। मुकाबले के शुरुआती सेट में उन्हें थोड़ी चुनौती जरूर मिली, लेकिन दूसरे सेट में उन्होंने पूरी तरह एकतरफा खेल दिखाया। मैच के बाद गॉफ ने कहा कि हादसे के बाद उनका ध्यान मैच के दबाव से हट गया और शायद इसी वजह से वह ज्यादा सहज होकर खेल सकीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह घटना उनके लिए “गुड लक” साबित हुई।
सबालेंका का रिकॉर्ड कायम, 16 महीने में 30वीं जीत
दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने भी अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले दौर के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए आसानी से जीत दर्ज की।इस जीत के साथ सबालेंका ने पिछले 16 महीनों में 30 मैच जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी लगातार शानदार फॉर्म उन्हें इस बार फ्रेंच ओपन खिताब का सबसे मजबूत दावेदार बना रही है। मैच के दौरान कुछ मौकों पर उन्होंने अपनी सर्विस गंवाई, लेकिन उनके आक्रामक खेल और ताकतवर शॉट्स के सामने विपक्षी खिलाड़ी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। मैच के बाद सबालेंका ने कहा कि पेरिस की गर्म परिस्थितियों में फिटनेस और मानसिक मजबूती सबसे ज्यादा मायने रखती है। इस समय सबालेंका अपने करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रही हैं और यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा तो वह इस बार ग्रैंड स्लैम जीतने की बड़ी दावेदार रहेंगी।
मेदवेदेव पहले ही बाहर
पुरुष वर्ग में दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब रूस के स्टार खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गए। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के एडम वॉल्टन ने बेहद रोमांचक मुकाबले में शिकस्त दी। करीब तीन घंटे तक चले मुकाबले में कई बार मैच का रुख बदला। मेदवेदेव ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन निर्णायक सेट में वह दबाव नहीं संभाल सके और हार गए। क्ले कोर्ट हमेशा से मेदवेदेव के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। फ्रेंच ओपन में उनका रिकॉर्ड भी बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। इस हार ने एक बार फिर क्ले कोर्ट पर उनकी कमजोरियों को उजागर कर दिया।
खिलाड़ियों का फिटनेस
इस बार फ्रेंच ओपन में खिलाड़ियों को पेरिस की तेज गर्मी का भी सामना करना पड़ रहा है। तापमान लगातार बढ़ने के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा हो रही है। कई खिलाड़ियों ने कोर्ट पर गर्म मौसम को लेकर चिंता भी जताई है। टूर्नामेंट पर लंबे मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के लिए शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि इस बार टूर्नामेंट में फिटनेस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
रोमांचक टूर्नामेंट
फ्रेंच ओपन के शुरुआती दौर में ही बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने टूर्नामेंट को रोमांचक बना दिया है। कोको गॉफ का जज्बा, सबालेंका की लगातार जीत और मेदवेदेव की हार ने प्रतियोगिता को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।टेनिस प्रेमियों की नजर अब अगले दौर के मुकाबलों पर टिकी हुई है, जहां कई और बड़े मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।
