ओडिशा से नागपुर ले जाई जा रही मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी खेप को रायपुर पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। 6 चक्का ट्रक में हैवी मशीनरी के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा 191.525 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मामले में बिहार के मूल निवासी मोहम्मद लाल (55) और उसके 19 वर्षीय बेटे मोहम्मद रुस्तम को गिरफ्तार किया है। रायपुर कमिश्नरेट बनने के बाद से अब तक की यह गांजा तस्करी की सबसे बड़ी जब्ती मानी जा रही है। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (मध्य) तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में गठित टीम पिछले एक महीने से इस अंतरराज्यीय गिरोह पर नजर रख रही थी।
मशीनों की वजह से नजर नहीं आ रहा था गांजा
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस ने जब तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के पास नाकेबंदी की, तब पश्चिम बंगाल नंबर (WB-23-G-1390) का एक अशोक लीलैंड ट्रक वहां से गुजरा। पुलिस टीम ने तुरंत ट्रक को रोककर उसमें सवार पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जांच के दौरान ट्रक में सिर्फ भारी-भरकम औद्योगिक मशीनें ही नजर आ रही थीं। ऐसा लग रहा था कि सामान्य ट्रांसपोर्टेशन हो रहा है, लेकिन बारीक तलाशी लेने पर मशीनों के बिल्कुल निचले हिस्से में बनाई गई एक विशेष जगह से 7 बोरियां बरामद हुईं। इन्हें खोलने पर 191.525 किलो गांजा निकला।
25 वर्षों से कर रहा टांसपोर्टेशन
आरोपियों ने शुरुआत में पुलिस को भ्रामक जानकारियां देकर गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद लाल पिछले 25 वर्षों से ट्रांसपोर्टेशन के धंधे में है। वह कोलकाता से सामान लादकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्तों से होते हुए मुंबई तक सप्लाई करता था।बड़े पैमाने में ड्रग्स की तस्करी
पुलिस को आशंका है कि इतने लंबे समय से वह वैध ट्रांसपोर्ट बिजनेस के आवरण में बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। आरोपी ओडिशा के सुहेला से यह माल उठाकर नागपुर के तस्करों तक पहुंचाने वाले थे। तेलीबांधा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल दो मोहरों की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि अब इस पूरे सप्लाई चैन के 'एंड-टू-एंड' नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
डिलीवरी लेने वालों की तलाश जारी
ओडिशा के मुख्य सप्लायर से लेकर नागपुर में माल की डिलीवरी लेने वाले आकाओं की तलाश जारी है। उल्लेखनीय है कि रायपुर कमिश्नरेट में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 62 मामलों में 152 आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जिनके कब्जे से 5 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।