Gold-Silver Rate: अगर आप सोने और चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं या पहले से पैसा लगा चुके हैं, तो वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट पर नजर डालना जरूरी है। बैंक की Commodity Markets Outlook रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में कीमती धातुओं की कीमतों में पहले जैसी तेज उछाल देखने को मिलने की संभावना कम है। हालांकि, गिरावट के बावजूद सोना और चांदी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं।
कॉमेक्स पर सोना-चांदी के भाव में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में हालिया कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोने का भाव 1.44 फीसदी टूटकर 4,054 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इसमें 59 डॉलर से अधिक की गिरावट देखी गई। वहीं, चांदी की कीमत भी 1.74 फीसदी गिरकर 52 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे पहुंच गई। वैश्विक बाजार में आई इस कमजोरी का असर निवेशकों के रुख पर भी दिखाई दे रहा है।
2028 तक सोने की कीमतों को लेकर क्या है अनुमान
वर्ल्ड बैंक के अनुमान के अनुसार, 2026 में सोने की औसत कीमत 4,600 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। यह 2025 के औसत स्तर से करीब 33.6 फीसदी अधिक है। हालांकि, इसके बाद सोने की कीमतों में धीरे-धीरे नरमी आने की संभावना जताई गई है।चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट की आशंका
सोने के मुकाबले चांदी के लिए आने वाले दो साल थोड़े मुश्किल हो सकते हैं। इस साल चांदी ने कीमतों में बढ़ोतरी के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया है, लेकिन वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि आगे इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में चांदी की औसत कीमत करीब 70 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 76 फीसदी अधिक है।
सोने-चांदी की कीमतों पर क्यों बन रहा है दबाव
कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियों, मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सोने-चांदी की मांग और निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है। इसके अलावा, सोने और चांदी के लगातार महंगे होने से ज्वैलरी की मांग पर भी असर पड़ा है।केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने को मिल रहा सहारा
कीमतों पर दबाव के बावजूद सोने के बाजार को कुछ बड़े कारकों से मजबूती मिल रही है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इसके अलावा, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीदारी भी कीमतों को सहारा दे रही है।












