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CSPDCL ने स्मार्ट मीटर को बताया सही
CSPDCL ने स्मार्ट मीटर को बताया सही
रायपुर

स्मार्ट मीटर विवाद के बीच सरकार का डेटा जारी, जुलाई में 28% घटी बिजली खपत

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल को लेकर जारी विवाद के बीच CSPDCL ने सफाई दी है। बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर में कोई गड़बड़ी नहीं है और बिल वास्तविक बिजली खपत के आधार पर ही जारी किए जा रहे हैं। विभाग ने मई, जून और जुलाई की बिजली खपत के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि बारिश के दौरान बिजली उपयोग में कमी आई है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
31 Jul 2026, 09:15 AM
रायपुर
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जगहों पर उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी जताई है और कुछ स्थानों पर मीटर हटाने तक की मांग उठने लगी है। लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, बिजली विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर में किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी नहीं है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) का कहना है कि उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत के आधार पर ही बिल जारी किया जा रहा है।

CSPDCL ने बताया- स्मार्ट मीटर में नहीं है कोई खराबी 

CSPDCL के अनुसार स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही कई बातें केवल अफवाह हैं। विभाग ने दावा किया है कि मीटर पूरी तरह सही तरीके से काम कर रहे हैं और जितनी बिजली की खपत हो रही है, बिल भी उसी के अनुसार बन रहा है। विभाग ने इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर से जुड़े बिजली खपत के आंकड़ों का अध्ययन कराया है। इस रिपोर्ट के आधार पर बिजली विभाग का कहना है कि गर्मी के महीनों में कूलर, पंखे और एसी के अधिक इस्तेमाल के कारण बिजली की खपत बढ़ी थी, जिसका असर बिल पर दिखाई दिया।

तीन महीने की बिजली खपत का किया गया विश्लेषण

बिजली विभाग ने मई, जून और जुलाई महीने की बिजली खपत की तुलना कराई है। इस अध्ययन में सामने आया कि ज्यादातर क्षेत्रों में जुलाई महीने के दौरान बिजली की खपत गर्मी के महीनों की तुलना में कम हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर शहर में लगे 3 लाख 11 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर में जून महीने के दौरान करीब 10 करोड़ 85 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई थी। वहीं जुलाई में यह खपत घटकर करीब 7 करोड़ 77 लाख यूनिट रह गई। इस हिसाब से जून की तुलना में जुलाई में बिजली खपत में करीब 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

ज्यादा खपत वाले उपभोक्ताओं में भी आई कमी 

बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर में 400 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले 1 लाख 21 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर की जांच की गई। इनमें जुलाई महीने में बिजली खपत करीब 44 प्रतिशत तक कम पाई गई। विभाग का कहना है कि गर्मी कम होने के बाद एसी और कूलर के इस्तेमाल में कमी आई, जिससे बिजली की खपत भी घट गई। दुर्ग शहर में 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत वाले 240 स्मार्ट मीटर की जांच की गई। यहां जून महीने में जहां बिजली खपत 1 लाख 65 हजार 411 यूनिट थी, वहीं जुलाई में यह घटकर 76 हजार 257 यूनिट रह गई। विभाग के अनुसार यहां करीब 53 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। इसी तरह बिलासपुर शहर में 400 यूनिट से अधिक खपत वाले 9 हजार 717 स्मार्ट मीटर का अध्ययन किया गया। यहां भी जून की तुलना में जुलाई में बिजली खपत करीब 43 प्रतिशत कम पाई गई। जून में जहां औसत खपत 596 यूनिट थी, वहीं जुलाई में यह घटकर 312 यूनिट रह गई।

अगस्त में कम आ सकता है बिजली बिल

CSPDCL का कहना है कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को जो बिल मिला है, वह पिछले महीने की बिजली खपत के आधार पर जारी हुआ है। इसलिए गर्मी के दौरान ज्यादा बिजली उपयोग होने से बिल अधिक दिखाई दे रहा है। विभाग के अनुसार जुलाई महीने की कम खपत का असर अगस्त में जारी होने वाले बिजली बिल में नजर आएगा। इसके साथ ही पात्र उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत दी जाती है। योजना का लाभ निर्धारित सीमा तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को मिलता है। विभाग के मुताबिक जिन घरों में एसी जैसे उपकरणों के कारण बिजली खपत 400 यूनिट से अधिक हो जाती है, उन्हें इस योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाता और उन्हें सामान्य दर से बिल का भुगतान करना पड़ता है। इसके अलावा ज्यादा बिजली उपयोग होने पर अतिरिक्त भार शुल्क यानी अफोर्डिंग चार्ज भी लगाया जाता है। बिजली विभाग के अनुसार यह शुल्क बढ़े हुए लोड के आधार पर लिया जाता है और हर अतिरिक्त किलोवाट के साथ इसकी राशि बढ़ सकती है।

मोर बिजली ऐप से खुद देख सकते हैं खपत

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की निगरानी करने की सलाह दी है। जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगा है, वे मोबाइल में मोर बिजली ऐप डाउनलोड कर रोजाना बिजली उपयोग की जानकारी देख सकते हैं। विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर में हर दिन की खपत का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है, जबकि पुराने सामान्य मीटर में केवल महीने की कुल खपत देखी जा सकती है। अगर किसी उपभोक्ता को लगता है कि स्मार्ट मीटर की वजह से गलत बिल आ रहा है, तो बिजली विभाग चेक मीटर लगाकर जांच की सुविधा दे रहा है। चेक मीटर के जरिए स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिजली खपत की तुलना कर वास्तविक स्थिति की जांच की जा सकती है। इसके अलावा उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए बिजली विभाग के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।
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