बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर हुए जूता कांड के आरोपियों के अपने गृह नगर लौटते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया। हमले के मुख्य आरोपी हैप्पी शर्मा और सुमित गिरि जैसे ही उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित अपने गांव नैथला हसनपुर पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया। गांव में दोनों का जुलूस एक खुली गाड़ी में निकाला गया, जिसके आगे तेज आवाज में डीजे बज रहा था।
मकसद सिर्फ कुछ सवाल पूछने का
जिस अंदाज में दोनों का स्वागत हुआ, उसने किसी बाहुबली नेता के शक्ति प्रदर्शन जैसा माहौल बना दिया। प्रेस से बातचीत के दौरान हैप्पी शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका इरादा सांसद पर हमला करने का बिल्कुल नहीं था। उन्होंने बताया, "हम पप्पू यादव के आवास में बाकायदा सुरक्षा जांच और पुलिस चेकिंग से गुजरने के बाद ही दाखिल हुए थे। हमारा मकसद केवल उनसे कुछ तीखे सवाल पूछना था।" हैप्पी शर्मा के अनुसार, वे सांसद से यह पूछने गए थे कि वे सनातन संस्कृति और हिंदू समुदाय को लेकर इस तरह के बयान क्यों देते हैं।
बयान से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
वहीं, घटना के बाद पप्पू यादव के मीडिया सलाहकार की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। इस पूरे विवाद की शुरुआत 31 जुलाई को हुई, जब निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में 'साधु के वेश में चंदा चोरी' को लेकर एक प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया था। उनके इस बयान और रवैये के बाद देश के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज कराए गए।कई संगठनों ने किया था इनाम का ऐलान
स्थिति यहां तक बिगड़ गई कि एक हिंदूवादी संगठन से जुड़े नेता ने सांसद का सिर कलम करने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने तक का ऐलान कर दिया था। इस भारी विरोध के बीच 2 अगस्त को जब पप्पू यादव दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद युवाओं ने उन पर जूता फेंक दिया। घटना के तुरंत बाद सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि हमला करने आए शख्स के पास से धारदार चाकू भी बरामद हुआ है, जिसे मौके पर मौजूद समर्थकों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।