Hartalika Teej: माता पार्वती और भगवान शिव को चढ़ाएं 5 पारंपरिक भोग, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
Hartalika Teej: हरतालिका तीज के व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं देवी मां को सुहाग की सामग्री अर्पित करने के साथ ही विशेष भोग भी लगाती हैं। मान्यता है कि पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए भोग से माता पार्वती और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। तीज की पूजा में 5 खास भोग का विशेष महत्व माना जाता है।
Hartalika Teej: हरतालिका तीज के व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं देवी मां को सुहाग की सामग्री अर्पित करने के साथ ही विशेष भोग भी लगाती हैं। मान्यता है कि पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए भोग से माता पार्वती और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। तीज की पूजा में 5 खास भोग का विशेष महत्व माना जाता है।
हरतालिका तीज में भोग का विशेष महत्व
हरतालिका तीज के पावन पर्व पर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन महिलाएं
निर्जला व्रत रखकर सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। पूजा के दौरान देवी मां को सुहाग सामग्री के साथ विशेष भोग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से तैयार किए गए पारंपरिक भोग से माता पार्वती और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। तीज पूजा में मीठे पकवानों का विशेष महत्व होता है, जिन्हें प्रसाद के रूप में परिवार के लोग भी ग्रहण करते हैं।
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क्रमांक
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भोग का नाम
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सामग्री
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1
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मीठे गुलगुले
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गेहूं का आटा, गुड़, पानी, नारियल का
बुरादा (गरी), काजू, बादाम, सौंफ पाउडर, घी या तेल
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2
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आटे का हलवा और पूड़ी
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गेहूं का आटा, देसी घी, चीनी या
गुड़, पानी, इलायची
पाउडर, काजू, बादाम, ड्राई
फ्रूट्स, पूड़ी के लिए आटा और घी/तेल
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3
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मालपुआ
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मैदा, दूध, चीनी, घी, इलायची
पाउडर, सौंफ, ड्राई
फ्रूट्स, चीनी की चाशनी
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4
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सूजी का हलवा
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सूजी, देसी घी, चीनी, दूध या
पानी, केसर, इलायची
पाउडर, काजू, बादाम और
अन्य ड्राई फ्रूट्स
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5
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पिरुकिया (गुजिया जैसा पकवान)
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मैदा, घी, पानी, सूजी, पिसी चीनी, नारियल का
बुरादा, खोवा (मावा), काजू-बादाम, ड्राई
फ्रूट्स, इलायची पाउडर
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क्यों रखा जाता है माता पार्वती और भगवान शिव का व्रत
हरतालिका तीज का व्रत माता पार्वती और भगवान शिव के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी कथा से जुड़ी मान्यताओं के कारण महिलाएं इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। यह व्रत वैवाहिक सुख, पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है।
आखिर कैसे हुई हरतालिका तीज व्रत की शुरुआत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत की शुरुआत
माता पार्वती की कठोर तपस्या से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि माता पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने हिमालय पर्वत पर लंबे समय तक कठिन तप किया। जब माता पार्वती के पिता उनका विवाह भगवान विष्णु से करना चाहते थे, तब उनकी सखी उन्हें जंगल में ले गईं, जहां उन्होंने भगवान शिव की आराधना करते हुए निर्जला व्रत रखा।