धमतरी शहर में बारिश के मौसम के बीच पीलिया और टायफायड के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के अलग-अलग वार्डों में अब तक करीब 8 परिवारों के दो दर्जन से अधिक लोग इन बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। कई मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से वार्डों में लगातार पीलिया और टायफायड के मरीज सामने आ रहे हैं। एक ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। लोगों में बीमारी के कारणों को लेकर चिंता बनी हुई है।
दूषित पानी खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीलिया और टायफायड जैसी बीमारियां अक्सर दूषित पानी और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण फैल सकती हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता, पाइपलाइन में लीकेज और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बीमारी फैलने के वास्तविक कारणों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही हो पाएगी।
प्रभावित इलाकों में जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार मरीज सामने आने के बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने मांग की है कि प्रभावित वार्डों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जांच कराई जाए और पेयजल की गुणवत्ता की भी जांच की जाए, ताकि बीमारी फैलने के कारणों का पता लगाया जा सके।
महापौर ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
मामले को लेकर महापौर रामू रोहरा ने भी चिंता जताई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में पानी को उबालकर ही पिएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि पुरानी पाइपलाइन लंबे समय से खराब स्थिति में है, जिसे बंद करने और नई पाइपलाइन से जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए उनके कार्यकाल में करीब 1 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।
पुरानी पाइपलाइन बदलने की प्रक्रिया जारी
महापौर ने बताया कि शहर में पुरानी और जर्जर पाइपलाइन को बदलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही चिन्हित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, लोगों को उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन जल्द जांच कर बीमारी के कारणों का समाधान निकालेंगे।