India vs Brazil: भारतीय फुटबॉल टीम को ब्राजील के खिलाफ इंटरनेशनल फ्रेंडली मुकाबले में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा। कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और भारतीय टीम को वापसी का मौका नहीं दिया। ब्राजील के लिए एस्टेवाओ विलियन ने 28वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद 42वें मिनट में पेड्रो ने स्कोर 2-0 कर दिया। दूसरे हाफ में सैमुअल लिनो ने दो गोल दागकर ब्राजील की जीत को एकतरफा बना दिया। ब्राजील ने इस मुकाबले में अपनी मजबूत टीम उतारी थी। स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर भी शुरुआती एकादश का हिस्सा रहे। मैच के आठवें मिनट में उन्होंने भारत के गोलपोस्ट पर तेज हमला किया, लेकिन भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने शानदार बचाव करते हुए खतरा टाल दिया।
विनीसियस जूनियर ने भी संभाली ब्राजील की कमान
इसके बाद मारक्विन्होस ने हेडर के जरिए गोल करने की कोशिश की, लेकिन उनका प्रयास पोस्ट के बाहर चला गया। भारत को भी कॉर्नर के जरिए मौका मिला। लालेंगमाविया राल्टे ने शॉट लगाया, मगर गेंद गोलपोस्ट के बेहद करीब से निकल गई। 28वें मिनट में ब्राजील को आखिरकार सफलता मिल गई। मथेउजिन्हो के पास पर एस्टेवाओ ने बॉक्स के दाईं ओर से लेफ्ट फुट शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। पहले हाफ के खत्म होने से कुछ मिनट पहले ब्राजील ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। 42वें मिनट में एस्टेवाओ के शानदार पास पर पेड्रो ने गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया।
दूसरे हाफ में भारत ने की वापसी की कोशिश
दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की। रियान विलियम्स और मनवीर सिंह ने कुछ अच्छे मूव बनाकर ब्राजील के डिफेंस पर दबाव डाला। भारतीय खिलाड़ियों ने ब्राजील के गोलकीपर पेड्रो मोरिस्को को चुनौती भी दी, लेकिन इन प्रयासों को गोल में नहीं बदला जा सका। 58वें मिनट में ब्राजील ने तीसरा गोल कर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं। पेड्रो के पास पर सैमुअल लिनो ने गेंद को नेट में डाल दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने गोल की तलाश जारी रखी, लेकिन आखिरी मौके पर फिनिशिंग कमजोर रही।ब्राजील की 4-0 से जीत
इंजरी टाइम में ब्राजील ने चौथा गोल भी कर दिया। कॉर्नर के बाद माउरो जूनियर के पास पर सैमुअल लिनो ने अपना दूसरा गोल पूरा किया और ब्राजील ने मुकाबला 4-0 से अपने नाम कर लिया। भारत के लिए इस मैच में सबसे बड़ी परेशानी मौके बनाने के बाद उन्हें गोल में बदलने की रही। वहीं, ब्राजील ने अपने अनुभव और आक्रमण क्षमता का फायदा उठाते हुए मुकाबले पर लगातार पकड़ बनाए रखी।

