Indian Startup: भारत के B2B ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी पहचान बना चुकी कंपनी Bijnis ने अब नए नाम और नई कारोबारी रणनीति के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। कंपनी ने अपना नाम बदलकर Zorit कर लिया है। इस बदलाव के साथ कंपनी का फोकस केवल कारोबारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब वह थोक व्यापार की सप्लाई चेन को तेज और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगी। कंपनी ने अपने नए कारोबारी विस्तार के लिए ₹27 करोड़ की फंडिंग भी जुटाई है।
₹27 करोड़ की फंडिंग से कारोबार के विस्तार की तैयारी
Zorit ने अपने नए बिजनेस मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए ₹27 करोड़ की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश को कंपनी की विस्तार योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। B2B कारोबार में केवल ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सामान की उपलब्धता, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और समय पर डिलीवरी भी उतनी ही अहम होती है। ऐसे में कंपनी के लिए अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करना बड़ी प्राथमिकता हो सकती है।
B2B क्विक कॉमर्स नेटवर्क तैयार करना है लक्ष्य
Zorit की सबसे बड़ी योजना B2B क्विक कॉमर्स नेटवर्क विकसित करने की है, इस मॉडल के तहत कारोबारियों और दुकानदारों को उनकी जरूरत का सामान कम समय में उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। आमतौर पर थोक बाजार से सामान खरीदने के लिए दुकानदारों को अलग-अलग सप्लायर से संपर्क करना पड़ता है। कई बार ऑर्डर देने, माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और डिलीवरी मिलने तक लंबा इंतजार करना पड़ता है।छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को मिल सकता है फायदा
भारत में छोटे और मध्यम स्तर के दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक समय पर सामान की उपलब्धता है। किसी दुकान में जरूरी उत्पाद खत्म होने पर दुकानदार को दोबारा स्टॉक मंगाने के लिए इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान बिक्री प्रभावित होने की आशंका रहती है। कई बार सीमित पूंजी के कारण दुकानदार बड़ी मात्रा में सामान का स्टॉक भी नहीं रख पाते।
पारंपरिक थोक व्यापार को डिजिटल बनाने की कोशिश
भारत का थोक व्यापार लंबे समय से पारंपरिक कारोबारी नेटवर्क पर निर्भर रहा है। इसमें सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और खुदरा दुकानदारों के बीच कई स्तरों पर सामान की खरीद-बिक्री होती है। इस पूरी प्रक्रिया में ऑर्डर मैनेजमेंट, भुगतान, स्टॉक की जानकारी और डिलीवरी जैसे कामों में समय लगता है।B2B क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा
भारत में क्विक कॉमर्स का विस्तार अब केवल उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रह गया है। किराना, रोजमर्रा के उत्पादों और अन्य सामानों की तेज डिलीवरी के साथ अब कारोबारियों को लक्षित करने वाले मॉडल पर भी ध्यान दिया जा रहा है। B2B क्विक कॉमर्स इसी बदलते बाजार का हिस्सा है।







