जडेजा ने 350 विकेट लेकर रचा इतिहास, कपिल देव की खास सूची में बनाई अपनी जगह
रवींद्र जडेजा ने गॉल टेस्ट में 350 टेस्ट विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया। वह 4000 से ज्यादा रन और 350 से ज्यादा विकेट लेने वाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय बने। इसके साथ ही जडेजा 350 टेस्ट विकेट लेने वाले पांचवें भारतीय और सबसे सफल बाएं हाथ के स्पिनरों में तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
य
यशोदा साहू
18 Aug 2026, 10:11 AM
खेल डेस्क
गॉल टेस्ट के तीसरे दिन रवींद्र जडेजा ने गेंद से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे किए और इसी के साथ भारतीय क्रिकेट के एक बेहद खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। जडेजा अब 4000 से ज्यादा टेस्ट रन और 350 से ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि कपिल देव ने हासिल की थी। जडेजा के 350 विकेट पूरे होते ही वह उस खास अंतरराष्ट्रीय क्लब में शामिल हो गए, जिसमें अब दुनिया के सिर्फ चार खिलाड़ी हैं।
कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में 5248 रन और 434 विकेट लिए हैं। इंग्लैंड के इयान बॉथम के नाम 5200 रन और 383 विकेट हैं, जबकि न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी ने 4531 रन बनाने के साथ 362 विकेट लिए हैं। अब इस सूची में चौथा नाम रवींद्र जडेजा का है।
350 टेस्ट विकेट लेने वाले पांचवें भारतीय
जडेजा टेस्ट क्रिकेट में 350 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले पांचवें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले अनिल कुंबले ने 619, रविचंद्रन अश्विन ने 537, कपिल देव ने 434 और हरभजन सिंह ने 417 विकेट लिए हैं। जडेजा के रिकॉर्ड की खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम एक ऑलराउंडर के तौर पर हासिल किया है। भारतीय टेस्ट क्रिकेट में उनसे पहले इस सूची में शामिल खिलाड़ियों में ज्यादातर की पहचान प्रमुख गेंदबाजों के रूप में रही है, जबकि जडेजा बल्ले से भी लगातार महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं।
जडेजा ने पूरे किए 350 टेस्ट विकेटबाएं हाथ के स्पिनरों में तीसरे स्थान पर
350 विकेट का आंकड़ा पार करने के बाद जडेजा बाएं हाथ के स्पिनरों में भी एक खास मुकाम पर पहुंच गए हैं। उनके नाम अब 351 टेस्ट विकेट हैं और वह इस मामले में दुनिया के तीसरे सबसे सफल बाएं हाथ के स्पिनर बन गए हैं। इस सूची में श्रीलंका के रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ सबसे आगे हैं। डेनियल विटोरी ने 362 विकेट लिए हैं और जडेजा 351 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अब जडेजा और विटोरी के बीच सिर्फ 11 विकेट का अंतर रह गया है। अगर वह विटोरी को पीछे छोड़ देते हैं तो इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। इनके बाद इंग्लैंड के डेरेक अंडरवुड के नाम 297 और बांग्लादेश के तैजुल इस्लाम के नाम 271 टेस्ट विकेट हैं।
विकेट लेने की रफ्तार में भी जडेजा खास
जडेजा की गेंदबाजी की खासियत केवल उनके विकेटों की संख्या तक सीमित नहीं है। उनका स्ट्राइक रेट भी उन्हें प्रभावी टेस्ट स्पिनरों की श्रेणी में रखता है। कम से कम 125 टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में जडेजा का स्ट्राइक रेट 58.0 है। उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज का है, जिनका स्ट्राइक रेट 56.4 है। इस आंकड़े से साफ है कि जडेजा लंबे स्पेल डालकर बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के साथ-साथ नियमित अंतराल पर विकेट निकालने की क्षमता भी रखते हैं। जडेजा की 350 से ज्यादा टेस्ट विकेट की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उनके नाम 4000 से ज्यादा टेस्ट रन भी दर्ज हैं।
बल्ले और गेंद से जडेजा का दोहरा कमाल
यही वह रिकॉर्ड है जो उन्हें कपिल देव जैसे दिग्गज ऑलराउंडर के साथ खड़ा करता है। कपिल देव तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर थे, जबकि जडेजा बाएं हाथ के स्पिनर हैं। दोनों की गेंदबाजी शैली और क्रिकेट का दौर अलग रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में बल्ले और गेंद दोनों से लगातार योगदान देने की क्षमता ने दोनों को एक ही खास क्लब में पहुंचाया है। गॉल में 350 विकेट का आंकड़ा छूकर जडेजा ने न सिर्फ अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ी, बल्कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट के महान ऑलराउंडरों की सूची में अपनी जगह और मजबूत कर ली।