UPL Final 2026: तीसरे सीजन का खिताब देहरादून वॉरियर्स ने अपने नाम कर लिया है। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में देहरादून ने हरिद्वार इल्मास को 36 रन से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पूरे टूर्नामेंट में मजबूत नजर आई देहरादून की टीम ने निर्णायक मुकाबले में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में प्रभावी प्रदर्शन किया। देहरादून वॉरियर्स ने लीग चरण में छह मुकाबले खेले, जिनमें चार में उसे जीत मिली। बेहतर नेट रन रेट के चलते टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर रही।
लीग स्टेज की इसी लय को टीम ने फाइनल में भी बरकरार रखा और अहम मौकों पर हरिद्वार पर दबाव बनाए रखा। फाइनल में देहरादून वॉरियर्स के कप्तान कुणाल चंदेला ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और सिर्फ 22 रन के स्कोर पर दो विकेट गिर गए। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान कुणाल चंदेला ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली।
कुणाल चंदेला ने खेली कप्तानी पारी
कुणाल चंदेला ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों में 8 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 90 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 176.47 रहा। उनकी इस पारी ने देहरादून को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की और टीम को बड़े स्कोर की तरफ आगे बढ़ाया। दूसरे छोर पर मोहम्मद उजैर मलिक ने भी उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 46 गेंदों का सामना करते हुए 4 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 64 रन बनाए। कुणाल और उजैर के बीच हुई अहम साझेदारी के दम पर देहरादून वॉरियर्स ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 197 रन बनाए। 198 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरिद्वार इल्मास को शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। पारी के पहले ओवर की तीसरी गेंद पर टीम ने अपना पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद देहरादून के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और हरिद्वार के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
68 रन तक आधी टीम लौटी पवेलियन
हरिद्वार की मुश्किलें लगातार बढ़ती गईं। टीम का स्कोर 68 रन तक पहुंचा तो उसके पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण हरिद्वार की रन चेज कमजोर पड़ती चली गई और लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया। देहरादून की ओर से आदित्य रावत सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे। उन्होंने 3.4 ओवर की गेंदबाजी में सिर्फ 19 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने हरिद्वार के मध्य और निचले क्रम को खासा परेशान किया और टीम की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।दूसरे गेंदबाजों ने भी निभाई अहम भूमिका
आदित्य रावत के अलावा अभिषेक सिंह ने 4 ओवर में 39 रन देकर 2 विकेट लिए। सुमित जुयाल ने 3 ओवर में 27 रन देकर 2 बल्लेबाजों को आउट किया। वहीं देवेंद्र एस. बोरा और नीरज सिंह राठौर के खाते में भी एक-एक विकेट आया। देहरादून के गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन से हरिद्वार लगातार दबाव में रहा। हरिद्वार इल्मास की ओर से शाश्वत डंगवाल ने लक्ष्य का पीछा करते हुए संघर्ष किया। उन्होंने 31 गेंदों में 5 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 59 रन बनाए। उनकी पारी ने कुछ समय के लिए मुकाबले में रोमांच जरूर बढ़ाया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।
161 रन पर सिमटी हरिद्वार की पारी
लगातार विकेट गिरने के बाद हरिद्वार इल्मास की पूरी टीम 19.4 ओवर में 161 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह देहरादून वॉरियर्स ने फाइनल मुकाबला 36 रन से जीतकर UPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। देहरादून की खिताबी जीत में कप्तान कुणाल चंदेला की 90 रन की पारी और आदित्य रावत की चार विकेट वाली गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई। बल्लेबाजी में 197 रन का मजबूत स्कोर खड़ा करने के बाद गेंदबाजों ने हरिद्वार को 161 रन पर रोक दिया और देहरादून वॉरियर्स को UPL के तीसरे सीजन का चैंपियन बना दिया।

