Thursday, 05 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Crime News: थाना प्रभारी को कुचलने की कोशिश कर फरार हुए तस्कर, 400 किलो गांजा बरामद Raipur Crime News: 4 करोड़ रुपए की मांग और मारपीट का आरोप, अनवर ढेबर समेत 6 पर केस Datia Silver Seizure: आगरा से नागपुर ले जाई जा रही 286 किलो चांदी डगरई टोल प्लाजा पर जब्त, ड्राइवर हिरासत में Bilaspur News: कार न मिलने से नाराज 12वीं के छात्र ने रील देखकर रची खुद के अपहरण की साजिश, डेढ़ लाख की मांगी फिरौती Durg Food Department: 115 किलो मिलावटी और बासी मिठाइयां नष्ट, कई बड़े प्रतिष्ठान रडार पर Chhattisgarh Weather: चक्रवाती तूफान मुरासु का असर, 8 जिलों में बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट, जल्द बढ़ेगी ठंड Crime News: थाना प्रभारी को कुचलने की कोशिश कर फरार हुए तस्कर, 400 किलो गांजा बरामद Raipur Crime News: 4 करोड़ रुपए की मांग और मारपीट का आरोप, अनवर ढेबर समेत 6 पर केस Datia Silver Seizure: आगरा से नागपुर ले जाई जा रही 286 किलो चांदी डगरई टोल प्लाजा पर जब्त, ड्राइवर हिरासत में Bilaspur News: कार न मिलने से नाराज 12वीं के छात्र ने रील देखकर रची खुद के अपहरण की साजिश, डेढ़ लाख की मांगी फिरौती Durg Food Department: 115 किलो मिलावटी और बासी मिठाइयां नष्ट, कई बड़े प्रतिष्ठान रडार पर Chhattisgarh Weather: चक्रवाती तूफान मुरासु का असर, 8 जिलों में बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट, जल्द बढ़ेगी ठंड
W 𝕏 f
होम › रायपुर › जनगणना : 80 लाख से अधिक मकानों का डेटा दर्ज, 51 ह…
जनगणना में घर-घर डिजिटल सर्वे
जनगणना में घर-घर डिजिटल सर्वे
रायपुर

जनगणना : 80 लाख से अधिक मकानों का डेटा दर्ज, 51 हजार प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षक जुटे

छत्तीसगढ़ में चल रही जनगणना के पहले चरण में इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है। घर-घर सर्वे के जरिए एसी, फ्रिज, वाहन, पानी, बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाओं सहित मकानों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। अब तक 92 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और लगभग 80 लाख मकानों का डेटा दर्ज किया गया है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 30 May 2026, 12:14 PM · अपडेट: 20 Oct 2026, 08:25 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ में चल रही जनगणना के पहले चरण में इस बार इतिहास में पहली बार घरों की सुविधाओं और संसाधनों का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें यह दर्ज किया जा रहा है कि किस घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बाइक, कार या साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सर्वे के दौरान यह भी दर्ज किया गया है कि मकान पक्का है या कच्चा, टाइल्स वाला है या खपरैल का, कितने कमरे हैं और घर में पानी, बिजली, गैस कनेक्शन व इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। इस तरह हर घर की पूरी प्रोफाइल डिजिटल रूप में तैयार की जा रही है।

राज्य में 1 मई से शुरू हुए पहले चरण का 92 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जो 30 मई तक समाप्त होगा। अब तक लगभग 80 लाख से अधिक मकानों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। अंतिम चरण में शेष बचे घरों की जानकारी अपडेट की जा रही है।

33 सवालों के आधार पर विस्तृत जानकारी

जनगणना के तहत प्रत्येक घर से 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब लिए जा रहे हैं। इसमें आवास की स्थिति, सुविधाएं और संसाधनों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी शामिल है। 16 से 30 अप्रैल के बीच चले ऑनलाइन स्वगणना अभियान में करीब 1.32 लाख लोगों ने स्वयं पोर्टल पर जानकारी दर्ज की थी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से की जा रही है। मोबाइल एप के जरिए डेटा सीधे अपलोड किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज और सरल हुई है। एक परिवार का डेटा दर्ज करने में औसतन 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। अब तक 44,800 से अधिक ब्लॉकों का सत्यापन भी पूरा हो चुका है।

51 हजार प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षक तैनात

इस बड़े अभियान में राज्यभर में 51 हजार से अधिक प्रगणक और 9 हजार से ज्यादा पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर डेटा संग्रह और सत्यापन का कार्य कर रही हैं। जनगणना का दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी ली जाएगी, जैसे नाम, उम्र, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, जाति-जनजाति और रोजगार संबंधी विवरण। यही डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं की नींव बनेगा।

प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी घर तक गणनाकर्मी नहीं पहुंचे हैं या परिवार बाहर था, तो वे टोल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम, नगर पालिका और ग्राम पंचायत कार्यालयों में भी जानकारी दी जा सकती है। अंतिम दिनों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सर्वे के दौरान चुनौतियां भी सामने आईं

कई जगहों पर गणनाकर्मियों को लोगों का सहयोग मिला, लेकिन कुछ स्थानों पर दरवाजे नहीं खोले गए या जानकारी देने से इनकार किया गया। कुछ लोगों ने गलत जानकारी देने की भी कोशिश की। कई नागरिकों में यह आशंका भी देखी गई कि सही जानकारी देने से सरकारी लाभ प्रभावित हो सकते हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें