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Krishna Janmashtami  Puja Muhrat (Image Source- AI Generate)
Krishna Janmashtami Puja Muhrat (Image Source- AI Generate)
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Janmashtami Shubh Muhrat: 15 साल बाद बना खास संयोग, 6 शुभ योगों के साथ जानें पूजा मुहूर्त

Janmashtami Shubh Muhrat: इस बार 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। 15 साल बाद बने विशेष संयोग में 6 शुभ योग बताए जा रहे हैं। जानिए पूजा मुहूर्त, निशीथ काल, चौघड़िया और भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने के उपाय।

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प्रकाशित: 03 Sep 2026, 03:29 PM · अपडेट: 13 Oct 2026, 06:08 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Janmashtami Shubh Muhrat:  इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बेहद खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जन्माष्टमी पर करीब 15 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब गृहस्थ और साधु-संत एक ही दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे। 4 सितंबर को पड़ रही जन्माष्टमी पर छह शुभ योग बनने की बात कही जा रही है। ऐसे में इस दिन पूजा-पाठ और व्रत का विशेष महत्व माना जा रहा है।

4 सितंबर को ही क्यों मनेगी जन्माष्टमी ? 

पंचांगीय गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि 3 और 4 सितंबर की दरमियानी रात 2:30 बजे से शुरू होकर 5 सितंबर की रात 12:30 बजे तक रहेगी। उदयातिथि और नक्षत्र गणना के आधार पर जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को ही रहेगा। पूजा के लिए विशेष रूप से रात 11:05 बजे से 12:35 बजे तक का समय अति उत्तम माना गया है। वहीं, रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर की रात 11:04 बजे तक रहेगा।

एक साथ बन रहे 6 दुर्लभ राजयोग

  • गुरु के अपनी उच्च राशि में होने से हंसराज योग बन रहा है। 
  • शुक्र के उच्च राशि में रहने से मालव्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। 
  • सिंह राशि में सूर्य और बुध की उपस्थिति से बुधादित्य योग बन रहा है। 
  • इसके अतिरिक्त श्रीकृष्ण जयंती योग, हर्षण योग और नवपंचम राजयोग भी इस दिन को खास बना रहे हैं।

भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने का अचूक उपाय 

  • यदि आप किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति चाहते हैं, तो इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी भेंट करने का विधान है। 
  • यदि संभव हो तो बाल गोपाल को चांदी की छोटी बांसुरी अर्पित करें। 
  • आप लकड़ी या बांस की सामान्य बांसुरी में अपनी इच्छा (कागज पर लिखकर या मन में दोहराकर) लिखकर भी श्री हरि के चरणों में रख सकते हैं।

पूजा के लिए चौघड़िया और निशीथ काल का समय

  • लाभ चौघड़िया: सुबह 07:35 बजे से 09:10 बजे तक 
  • अमृत चौघड़िया: सुबह 09:10 बजे से 10:45 बजे तक 
  • शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:20 बजे से 01:55 बजे तक 
  • निशीथ काल (मुख्य जन्मोत्सव पूजा): रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक
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