Bhilai Online Fraud: भिलाई नगर पुलिस ने राजस्थान के उदयपुर जिले से 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी रमेश सुथार ठगी से हासिल रकम को दूसरे लोगों के बैंक खातों के माध्यम से निकालने और इस्तेमाल करने में शामिल था। ये खाते पर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
इस मामले की जांच के दौरान रमेश सुथार का नाम सामने आया। पुलिस इस प्रकरण में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। पूछताछ और जांच में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को रमेश की भूमिका की जानकारी मिली। इसके बाद भिलाई नगर थाने की टीम राजस्थान रवाना हुई और संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने 2 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पांच आरोपियों से पूछताछ में सामने आया नाम
भिलाई नगर थाने में ऑनलाइन ठगी की शिकायत के बाद वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस को ठगी की रकम के लेन-देन और उसे अलग-अलग खातों में भेजे जाने से जुड़ी जानकारी मिली। बैंक खातों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर रमेश सुथार की भूमिका सामने आई। पुलिस का कहना है कि वह अन्य लोगों के साथ मिलकर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में पहुंचाने और बाद में वहां से निकालने का काम करता था।दूसरे लोगों के खातों का इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम सीधे आरोपियों के बैंक खातों में रखने के बजाय दूसरे लोगों के खातों का इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे खातों को आम तौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों में रकम आने के बाद उसे अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिया जाता है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रमेश सुथार के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। साथ ही, कितने बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। बैंक ट्रांजेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
उदयपुर में तलाश के बाद पुलिस ने पकड़ा
रमेश सुथार राजस्थान के उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील के ग्राम बना का निवासी बताया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए भिलाई नगर पुलिस ने विशेष टीम गठित की थी। टीम ने राजस्थान पहुंचकर उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश और तलाश की। 2 सितंबर को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब ऑनलाइन ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

