Jio Q2 Results: शेयर करीब 4.5 फीसदी उछला है। BSE पर 1163.55 रुपए के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले ये 1227.40 रुपए पर खुला है और 1234 रुपए तक (करीब 6 फीसदी की तेजी) चढ़ा है। करीब साढ़े 9 बजे ये शेयर 51.45 रुपए या 4.42 फीसदी की मजबूती के साथ 1215 रुपए पर है। शेयर में तेजी के पीछे रिलायंस और जियो के शानदार नतीजे माने जा रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार शाम को तिमाही नतीजे जारी किए थे, जिनका असर उम्मीद के मुताबिक आज इसके शेयर पर दिख रहा है। कई ब्रोकरेज फर्म्स ने शेयर पर दांव लगाने की भी सलाह दी है।
कितना है शेयर का टारगेट
ब्रोकरेज फर्म RIL को लेकर सकारात्मक बनी हुई हैं और उन्होंने अपनी रिपोर्टों में 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस अलग-अलग हैं, जो O2C मार्जिन के सस्टेनैबिलिटी और रिटेल सेक्टर में रिकवरी की रफ्तार को लेकर उनकी अलग-अलग उम्मीदों को दर्शाते हैं।
तिमाही नतीजों का दिखा शेयर पर असर
कंपनी ने शुक्रवार शाम अपने वित्तीय परिणाम जारी किए थे। नतीजों में कारोबार के कई प्रमुख क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन सामने आया। इसके बाद सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों की दिलचस्पी रिलायंस के शेयर में बढ़ती दिखाई दी।
ब्रोकरेज फर्मों ने क्या दिया शेयर का टारगेट
रिलायंस इंडस्ट्रीज को लेकर ज्यादातर प्रमुख ब्रोकरेज हाउस का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। इन फर्मों ने शेयर पर 'बाय' यानी खरीदने की सलाह दी है, हालांकि टारगेट प्राइस को लेकर उनके अनुमान अलग-अलग हैं। इसकी एक बड़ी वजह कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार में मुनाफे की मौजूदा स्थिति और रिटेल बिजनेस में सुधार की संभावनाएं हैं।एमके और मोतीलाल ओसवाल ने घटाया लक्ष्य
एमके ने सितंबर 2027 के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज का टारगेट प्राइस 1,680 रुपये से घटाकर 1,550 रुपये कर दिया है। इसी तरह मोतीलाल ओसवाल ने भी अपना अनुमानित लक्ष्य 1,560 रुपये से कम करके 1,520 रुपये कर दिया है। हालांकि, दोनों ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है।
Q2 FY27 में कंपनी के मुनाफे में 41% की बढ़ोतरी
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के नतीजों में सबसे अहम योगदान उसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार का रहा, जहां मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।O2C कारोबार बना ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार
रिलायंस के तिमाही प्रदर्शन में ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार सबसे मजबूत क्षेत्र बनकर उभरा। इस सेगमेंट का EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 48 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये पहुंच गया। कम से कम पिछले 27 तिमाहियों में यह इस कारोबार की सबसे तेज तिमाही वृद्धि बताई गई है।







