Forest Department: मरवाही वन मंडल में इन दिनों हाथियों की बढ़ती मौजूदगी ने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के बड़े दल की संख्या अब तक करीब 55 मानी जा रही थी, लेकिन ड्रोन कैमरे से निगरानी और गिनती के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 62 पहुंच गया है। वन विभाग ने भी हाथियों की इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि की है।
ड्रोन सर्वे से सामने आई हाथियों की सही संख्या
दरअसल, हाथियों का यह दल कई बार दो से तीन छोटे समूहों में बंटकर अलग-अलग स्थानों पर घूमता रहता था। इस वजह से उनकी कुल संख्या का सही अनुमान लगाना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ था। पहले करीब 55 हाथियों के होने की बात सामने आ रही थी। हाल ही में वन विभाग ने ड्रोन कैमरे की मदद से इलाके का एरियल सर्वे कराया। आसमान से ली गई तस्वीरों और निगरानी के आधार पर हाथियों की संख्या की सटीक जानकारी मिली। मरवाही वन मंडल के डीएफओ एवं आईएफएस कुमार निशांत ने पुष्टि करते हुए बताया कि ड्रोन से की गई गिनती में कुल 62 हाथी पाए गए हैं।
खेतों में पहुंच रहा हाथियों का झुंड फसल नुकसान
हाथियों की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी ने स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों का दल लगातार आसपास के खेतों में पहुंच रहा है और वहां खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। कई जगह हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों को अपनी मेहनत की फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। एक ही क्षेत्र में इतने बड़े झुंड की सक्रियता के कारण ग्रामीणों में भी सतर्कता बढ़ गई है। किसानों के सामने फसल बचाने के साथ-साथ हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चुनौती है।वन विभाग और हाथी मित्र दल की बढ़ी निगरानी
स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने मैदानी अमले और हाथी मित्र दल को अलर्ट रखा है। टीम लगातार हाथियों की लोकेशन, आवाजाही और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को भी हाथियों की मौजूदगी की जानकारी समय पर देने और सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है। वन विभाग की प्राथमिकता हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी तरह के टकराव को रोकना है। इसके लिए निगरानी के साथ-साथ लोगों तक समय रहते सूचना पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।






